ड्रग्स पर ‘जीरो टॉलरेंस’ और डिजिटल अरेस्ट पर सख्त चेतावनी

विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान

मुंबईा/दि.24 – राज्य में बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क और साइबर ठगी के मामलों को लेकर विधानसभा में सरकार ने सख्त रुख स्पष्ट किया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ड्रग्स के मामले में सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ है और डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है.
* ड्रग्स मामले में कूरियर कंपनियां भी जिम्मेदार
विधानसभा में प्रश्नोत्तर के दौरान कई सदस्यों ने राज्य में 1600 करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त होने के मामलों पर चिंता जताई. श्रीरामपुर से कांग्रेस विधायक हेमंत ओगले ने कूरियर सेवाओं के माध्यम से ड्रग्स तस्करी का मुद्दा उठाया. मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि केवल तस्करों पर ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाली कूरियर कंपनियों पर भी कार्रवाई की जाएगी. यदि जांच किए बिना पार्सल डिलीवर किया गया और उसमें ड्रग्स पाए गए, तो भेजने वाले के साथ कूरियर कंपनी भी दोषी मानी जाएगी, उन्होंने चेतावनी दी. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की टीमें विभिन्न कूरियर केंद्रों पर निगरानी रख रही हैं और कंपनियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं. ड्रग्स निर्माण में उपयोग होने वाले रसायनों के आयात और लाइसेंसधारकों पर भी नजर रखी जा रही है. यदि कोई पुलिस अधिकारी इस अवैध कारोबार में शामिल पाया गया तो उसे केवल निलंबित नहीं, बल्कि बर्खास्त किया जाएगा.
* सोशल मीडिया पर भी सरकार की नजर
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अब ड्रग्स की बिक्री के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम का इस्तेमाल ‘मार्केट प्लेस’ की तरह किया जा रहा है. सरकार ऐसे ऑनलाइन नेटवर्क पर भी सतर्क निगरानी रखे हुए है. उन्होंने बताया कि सिंथेटिक ड्रग्स छोटे स्तर पर भी तैयार किए जा सकते हैं, इसलिए कच्चे माल की आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
* डिजिटल अरेस्ट पूरी तरह फर्जी
इसी दौरान विधायक अबू आजमी ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही साइबर ठगी का मुद्दा उठाया. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है. यदि कोई व्यक्ति फोन या वीडियो कॉल कर खुद को सीबीआई या पुलिस अधिकारी बताकर डराता है और पैसे मांगता है, तो समझ लें कि यह 100 प्रतिशत फ्रॉड है. उन्होंने बताया कि ठग लोगों को घंटों वीडियो कॉल पर रोके रखते हैं, गिरफ्तारी का भय दिखाते हैं और रकम ट्रांसफर करवाते हैं. कई मामलों में पैसा तुरंत अलग-अलग खातों और विदेशों में भेज दिया जाता है.
* 1930 पर तुरंत करें शिकायत
मुख्यमंत्री फडणवीस ने नागरिकों से अपील की कि ऐसे किसी भी कॉल की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं. ‘गोल्डन ऑवर’ यानी शुरुआती एक घंटे में शिकायत करने पर ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है. उन्होंने दोहराया कि ड्रग्स और साइबर अपराध के मामलों में सरकार किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.

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