राज्य में डेढ माह में साढे तीन फीसद तुअर खरीदी
नाफेड और एनसीसीएफ की रफ्तार काफी धिमी

* राज्य में एमएसपी दर पर खरीदी करने की परेशानी
नागपुर/दि.11 – राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर तुअर खरीदी की प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है. केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 सीजन के लिए तुअर का एमएसपी 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, लेकिन डेढ़ महीने में लक्ष्य का केवल 3.68 प्रतिशत ही खरीदा जा सका है.
सरकार ने राज्य में तुअर की 1 लाख टन खरीदी का लक्ष्य तय किया है. इसके लिए नाफेड और एनसीसीएफ को जिम्मेदारी दी गई है. दोनों संस्थाओं ने 20 जनवरी से पंजीकरण और 1 फरवरी से खरीदी प्रक्रिया शुरू की थी. अब तक राज्य में कुल 979 खरीदी केंद्रों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 761 केंद्र नाफेड और 218 केंद्र एनसीसीएफ के हैं. इनमें से 881 केंद्र शुरू हो चुके हैं. 9 मार्च तक राज्य में 53,565 किसानों ने तुअर बेचने के लिए पंजीकरण कराया है. इनमें 48,372 किसानों ने नाफेड और 5,193 किसानों ने एनसीसीएफ के साथ पंजीकरण किया है. 1 फरवरी से 2 मार्च के बीच नाफेड ने 5,981 किसानों से 10,894.40 टन तुअर की खरीदी की, जबकि एनसीसीएफ ने 1,221 किसानों से 1,510.58 टन तुअर खरीदी. इस तरह दोनों संस्थाओं ने मिलकर 7,202 किसानों से कुल 12,404.98 टन तुअर की खरीदी की है.
उधर बाजार में अच्छी गुणवत्ता की तुअर 7 हजार से 7,600 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रही है और कुछ जगहों पर कीमत 8 हजार रुपये के पार भी पहुंच चुकी है. इसी बीच म्यांमार से ‘लेमन’ तुअर के आयात के सौदों के कारण बाजार में कीमतों पर दबाव भी देखा जा रहा है. तुअर की सरकारी खरीदी 1 मई तक जारी रहेगी. लक्ष्य पूरा करने के लिए अगले 53 दिनों में 46,363 किसानों से करीब 3.24 लाख टन तुअर खरीदनी होगी. मौजूदा धीमी गति और तकनीकी समस्याओं को देखते हुए निर्धारित लक्ष्य पूरा करना मुश्किल माना जा रहा है.





