केवल अमावस्या के कारण इस बार संक्रांति का हलदी-कुमकुम चार दिन

14 से 17 जनवरी तक ही वाण वितरण कार्यक्रम

अमरावती/दि.30 -इस बार मकर संक्रांति में केवल चार ही दिनों तक सुहागन महिलाओं को हल्दी-कुमकुम का आयोजन करना होगा. 18 जनवरी को अमावस्या है. इसलिए 14 से 17 जनवरी तक ही सुहागिनों को हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम का आयोजन करने भागमभाग होगी. क्योंकि पौष अमावस्या 18 जनवरी को है. इस दिन पौष महीना समाप्त होगा. पौष माह में ही संक्रांति का हल्दी-कुमकुम व वाण यानि उपहार का वितरण किया जाता है. परंतु इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति होने से 17 जनवरी तक ही पौष महीना है. इसलिए केवल चार दिन ही सुहागन महिलाओं को हल्दी-कुमकुम का आयोजन करने मिलेंगे. अब केवल चार ही दिन हल्दी-कुमकुम रहने से एकही दिन कई स्थानों पर सुहागनों को वाण, हल्दी-कुमकुम लेने जाना होगा.
* वाण देने के लिए सीमित दिन
संक्रांति के पर्व पर विवाहित महिलाएं एक-दूसरे का हल्दी-कुमकुम लगाकर वाण यानी उपहार बांटती है और आंनदोत्सव मनाती है. इससे स्नेह और समृद्धि बढती है. यह त्योहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश निमित्त मनाया जाता है. सौभाग्यवती महिलाएं एकदूसरे को हल्दी-कुमकुम लगाकर पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करती है. इस दिन महिलाएं एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम, फूल, उपहार (अनाज या वस्तू) देती है और तिलगुल लो-मीठा मीठा बोलो ऐसा कहकर शुभकामनाएं देती है.
* 19 जनवरी से माघ महिना शुरु
वैसे तो रथ सप्तमी तक हल्दी-कुमकुम आयोजित किया जाता है. हालांकि, इस बार 19 जनवरी से माघ महीना शुरु हो रहा है. रथ सप्तमी तक माघ महीने में रविवार 25 जनवरी को है. इसलिए अधिकांश महिलाएं इन चार दिन में ही हल्दी-कुमकुम का कार्यक्रम संपन्न करती है.

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