आश्रम शाला के मुख्याध्यापक की घूसखोरी प्रकरण में हुई गिरफ्तारी
एसीबी की कार्रवाई, वैद्यकिय बिल के लिए डेढ हजार रुपए की मांग

पुसद /दि.31 – एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प के तहत शासकीय माध्यमिक आश्रम शाला, खैरखेडा के मुख्यध्यापक को डेढ हजार रुपए की रिश्वत मांगने के प्रकरण में यवतमाल व वाशिम एसीबी के दल ने मंगलवार 30 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया. मुख्याध्यापक द्बारा शाला के ही शिक्षक को वैद्यकिय बिल खाते में जमा करने के लिए डेढ हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी. संबंधित मुख्याध्यापक का नाम गौरीशंकर प्रभाकर सैंदाणे (44) हैं.
शिकायतकर्ता स्नातक प्राथमिक शिक्षक के वैद्यकिय प्रतिपूर्ति बकाया अपरआयुक्त आदिवासी विभाग अमरावती की तरफ से मंजूर होने के बाद यह बकाया खाते में जमा करने के लिए मुख्याध्यापक द्बारा रिश्वत की मांग की गई. इस बाबत शिक्षक ने एसीबी के पास शिकायत की. इस शिकायत के एसीबी दल ने मंगलवार को जांच की. इसमें सच्चाई पाए जाने के बाद मुख्याध्यापक गौरीशंकर सैंदाणे को कब्जे में लेकर खंडाला थाने में मामला दर्ज किया. यह कार्रवाई वाशिम एसीबी के उपअधीक्षक जगदीश परदेशी, यवतमाल उपअधीक्षक अभय आष्टिकर के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक अलका गायकवाड, मनोज ओरके, जमादार योगेश खोटे, मंगेश देवकते, अतुल मत्ते, अब्दुल वसीम, सुधीर कांबले, सचिन भोयर, राकेश सावसाकडे, भागवत पाटिल, सुरज मेश्राम, अतुल नागमोते ने की.





