मकरसंक्रांति पर ’ वाण ’ में वितरित करें कपड़े की थैली या तुलसी के पौधे
शहर-जिला प्रशासन, क्षमता ठाकुर और ’राजनंदिनी स्मृति फाउंडेशन’ का महिलाओं से विशेष आह्वान

* पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाने वाली सभी सजग महिलाएं होगी सम्मानित
अमरावती/दि.6 – मकर संक्रांति के पावन अवसर पर विशेषकर महाराष्ट्र और उत्तर भारत के कुछ हिस्से में महिलाओं के बीच हल्दी कुमकुम काफ़ी प्रचलित है. आप्त परिचितों को अपने घर निमंत्रित कर सुहागिन महिलाएं एक दूसरे को हल्दी कुमकुम लगाती हैं और विविध प्रकार की उपयोगी वस्तुएं वाण भेट करती है. यह एक बहुत पुरानी और सुंदर परंपरा है. साथ ही तिल गुड़ बांटकर इस पर्व को और अधिक मीठा बनाया जाता है. इसे सामाजिक सौहार्द बढ़ाने वाला उत्सव भी कहा जाता है.
मकर संक्रांति के पावन उत्सव को इस वर्ष एक नई वैचारिक दिशा मिलने जा रही है. पिछले 14 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण को अपना जीवन समर्पित करने वाली प्रखर समाज सेवी क्षमता ठाकुर ने इस मकर संक्रांति पर शहर एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर ’ प्रकृति और स्वास्थ ’ के संरक्षण का शंखनाद किया है. उन्होंने सभी महिलाओं से आवाहन किया है कि वे सदियों पुरानी वाण देने की परंपरा को आयुर्वेदिक और इको फ्रेंडली स्वरूप प्रदान करें. मकर संक्रांति के पावन पर्व पर जहां परंपराओं का उत्साह चारों ओर अपने चरम पर देखने को मिलता है, वहीं इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई और प्रेरणादायक मुहिम शुरू की जा रही है. क्षम़ता ने इस बार संक्रांति के ’वाण’ (उपहार) को प्रकृति से जोड़ने का संकल्प ले कर श्री आशीष येरेकर, जिलाधिकारी से इस विषय पर विस्तृत चर्चा की है. जिलाधिकारी ने भी क्षमता की ईस अभिनव संकल्पना का स्वागत एवं अभिनंदन किया. इस अभियान के अंतर्गत समस्त महिलाओं और सुहागिनों से यह विशेष आह्वान किया गया है कि इस संक्रांति पर पारंपरिक उपहारों के स्थान पर पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं को प्राथमिकता दें. उन्होंने अपील की है कि महिलाएं एक-दूसरे को तुलसी का पौधा या कपड़े या जुट की थैली, कागज की थैली उपहार स्वरूप भेंट करें.
जिसके तहत् प्रेस विज्ञप्ति द्वारा संयुक्त रूप से एक विशेष घोषणा की गई है के इस पर्यावरण हितैषी अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने वाली और प्रकृति आधारित ’वाण’ वितरित करने वाली सभी महिलाओं को जिला प्रशासन और फाउंडेशन की ओर से ’प्रशस्ति पत्र’ प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा. यह सम्मान महिलाओं के सामाजिक दायित्व और प्रकृति के प्रति उनके प्रेम को और अधिक प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सहयोगी सिद्ध होगा. महिलाओ से अपना नाम,वाण में वितरित की गई वस्तु का नाम, हल्दी कुमकुम का एक सामूहिक छायाचित्र (ग्रुप फ़ोटो) फाउंडेशन के 8390542052 या 9370101577 इनमें से किसी एक व्हाट्सएप पर भेजने का अनुरोध किया गया है. साथ ही सभी नगर सेवक और जन प्रतिनिधियों तथा पर्यावरण मित्रो के पास सुविधा हेतु प्रशस्तिपत्र उपलब्ध किए जाएंगे.
* मुहिम का उद्देश्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें अभियान के साथ जोड़कर प्लास्टिक मुक्त समाज की नींव रखना है. क्षम़ता का मानना है कि महिलाएं समाज की धुरी होती हैं, और यदि वे अपनी परंपराओं में पर्यावरण को स्थान देंगी, तो इसका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर भी निश्चित ही पड़ेगा. क्षमता के अनुसार, संक्रांति पर वाण में बांटे जाने वाली अधिकतर चीजें,प्लास्टिक के डिब्बे या सिंथेटिक सामान अंततः कचरे का हिस्सा बनकर प्रकृति को नुकसान पहुंचाते हैं. इसके विकल्प में उन्हें दो- तीन प्रमुख सुझाव दिए गए हैं, जो सीधे हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ते हैं
* सम्मान और प्रोत्साहन
इस मुहिम को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय अमरावती, जिला परिषद अमरावती, महानगर पालिका अमरावती एवं राजनंदिनी स्मृति फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में इसे संचालित किया जाएगा.





