राज्य में मनपा चुनाव पश्चात बनेंगे नए समीकरण
मनपा चुनाव को लेकर सीएम फडणवीस ने दिए बडे संकेत

* विरोध में लडनेवाले मित्रों को जहां जरुरत होगी, साथ लेंगे
* विपक्षी दलों के साथ कहीं भी हाथ नहीं मिलाएंगे
* 29 में से मुंबई सहित 27 मनपा में युति का होगा महापौर
मुंबई /दि.9 – महानगर पालिका के चुनाव में कई जगहों पर हमारे यानि भाजपा के मित्र दल चुनावी मैदान में भाजपा के खिलाफ चुनाव लडे, परंतु चुनाव निपट जाने के पश्चात एवं चुनावी नतीजे घोषित होने के उपरांत ऐसे मित्रों दलों को जहां जरुरत होगी, वहां हम निश्चित तौर पर अपने साथ लेंगे और महायुति में शामिल तीनों घटक दलों द्वारा एक बार फिर हाथ मिलाया जाएगा. जिसके बलबुते 29 में से मुंबई सहित राज्य की 27 महानगर पालिकाओं में हमारा ही महापौर रहेगा. साथ ही चुनाव पश्चात कांग्रेस, शिवसेना उबाठा व मनसे जैसे किसी भी विपक्षी दल के साथ किसी भी महानगर पालिका में कोई युति या गठबंधन पर विचार नहीं किया जाएगा, ऐसा स्पष्टीकरण सीएम देवेंद्र फडणवीस द्वारा किया गया. साथ ही उन्होंने मनपा चुनाव पश्चात उत्पन्न होनेवाली राजनीतिक स्थितियों को लेकर भी भविष्यवाणी की.
राज्य में इस समय चल रही महानगर पालिका के चुनाव की गहमा-गहमी को लेकर सीएम फडणवीस ने कहा कि, इस चुनाव में कहीं पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना और कहीं पर अजीत पवार की राकांपा ने भाजपा के खिलाफ चुनाव लडा. लेकिन अंतत: वे हमारे मित्र दल है. ऐसे में चुनावी नतीजों के बाद हमने एकत्रित आकर महानगर पालिकाओं में काम करना चाहिए, ऐसा उन्हें लगता है. भले ही चुनाव के लिहाज से मित्र दलों ने कुछ स्थानों पर हमारे विरोध में चुनाव लडा है, लेकिन वे हमारे स्थायी विरोधक नहीं है. अपनी यह भूमिका हम अपनी पार्टी को भी समझाएंगे, ताकि राज्य की 29 में से 27 महानगर पालिकाओं में महायुति का महापौर हो, इसमें भी सर्वाधिक मनपा में भाजपा का ही महापौर होगा, यह भी अभी से तय है. क्योंकि मनपा चुनाव पश्चात भाजपा ही सबसे बडी पार्टी बनकर उभरेगी.
* ठाकरे कालबाह्य नहीं होंगे, लेकिन मुंबई जरुर गंवाएंगे
इसके साथ ही सीएम फडणवीस ने यह भी कहा कि, राजनीति में हमेशा ही अलग-अलग स्थिति रहती है. जिसके चलते ठाकरे बंधु पूरी तरह से कालबाह्य हो जाएंगे, ऐसा वे बिल्कुल भी नहीं करेंगे और किसी ने ऐसी उम्मीद भी नहीं रखनी चाहिए. लेकिन यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि, विगत 25 वर्षों के दौरान ठाकरे बंधु मुंबई को कुछ भी विशेष नहीं दे पाए. जिसके चलते लोगों में ठाकरे बंधुओं के प्रति जबरदस्त नाराजगी है. ऐसे में इस बार लोग निश्चित तौर पर हमारे पक्ष में जनादेश देंगे. क्योंकि लोगों ने हमारा काम देखा है. साथ ही अगर अगले पांच वर्ष के दौरान हमने कोई गलती की, तो लोग हमें मौका नहीं देंगे, यह बात हमें अच्छी तरह से पता है. जिसे ध्यान में रखते हुए हम कोई गलती ही नहीं करेंगे.
* मनपा चुनाव के बाद भी अजीत पवार बने रहेंगे सरकार में
राज्य की सत्ताधारी महायुति में शामिल डेप्युटी सीएम अजीत पवार और उनके नेतृत्ववाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी मनपा चुनाव में भले ही कई स्थानों पर भाजपा के खिलाफ मैदान में है, लेकिन इसका महायुति पर कोई फर्क नहीं पडेगा, बल्कि चुनाव पश्चात भी डेप्युटी सीएम अजीत पवार और उनके नेतृत्ववाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पहले की तरह महायुति में बने रहेंगे. साथ ही वर्ष 2029 का विधानसभा चुनाव भी हम महायुति के तौर पर साथ मिलकर लडेंगे, ऐसा स्पष्ट प्रतिपादन करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, डेप्युटी सीएम अजीत पवार पुणे के पालकमंत्री है और पुणे व पिंपरी चिंचवड का मनपा चुनाव वे साम, दाम, दंड, भेद की नीति का प्रयोग करते हुए लड रहे है. उन्होंने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा की लडाई बना लिया है. इसके साथ ही सीएम फडणवीस ने यह भी कहा कि, खुद वे सन 2017 के चुनाव हेतु पुणे व पिंपरी चिंचवड में पूरी ताकत के साथ उतरे थे. साथ ही अब पुणे तथा पिंपरी चिंचवड में भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता काफी ताकतवर व सामर्थ्यवान है, जो अजीत पवार को समर्थ तरीके से चुनौती दे रहे है और हम अपने कार्यकर्ताओं को हरसंभव सहायता दे रहे है, जहां पर हमारी जनसभाएं भी आयोजित है. लेकिन इसके बावजूद हम गलाकाट तरीके से प्रतिस्पर्धा में नहीं है और किसी भी आरोप पर कोई प्रतिवाद भी नहीं कर रहे, बल्कि विकास का एजेंडा सामने रखते हुए वोट मांग रहे है.
* ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का मुद्दा मनपा चुनाव में भी प्रासंगिक
वर्ष 2024 में हुए लोकसभा व विधानसभा चुनाव के समय ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे की जबरदस्त चर्चा हुई थी. जिसे मनपा चुनाव के लिए भी काफी हद तक प्रासंगिक बताते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि, उद्धव सेना व कांग्रेस द्वारा तुष्टीकरण की राजनीति की जा रही है. जिसे लेकर उन दोनों राजनीतिक दलों में जबरदस्त स्पर्धा है. वहीं हम लोग तुष्टीकरण के खिलाफ है और किसी धर्म विशेष या समुदाय विशेष का तुष्टीकरण करना हमें स्वीकार व मान्य नहीं है. कांग्रेस और उद्धव सेना ने विधानसभा में भी तुष्टीकरण की राजनीति की, जिसका उन्हें अच्छा-खासा नुकसान हुआ. साथ ही ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे का सही अर्थ भी अब लोगों की समझ में आ गया है. जिसके चलते विधानसभा में भाजपा सहित महायुति के घटक दलों को शानदार सफलता मिली और हमने जबरदस्त विकास भी करके दिखाया. ऐसे में चूंकि हम विकास के पक्षधर है, अत: मतदाताओं ने हमारे पक्ष में खडे रहना चाहिए.
* अब अधिकारियों के होंगे आंतर मनपा तबादले
किसी भी महानगर पालिका में एक बार नियुक्त होने के बाद हर अधिकारी की सेवानिवृत्ति उसी महानगर पालिका में ही होती है. ऐसे में सालोसाल तक एक ही स्थान पर नियुक्त रहने के चलते व्यक्तिगत हितसंबंध बन जाते है, जिसका खामियाजा प्रशासन को उठाना पडता है, इस बात की ओर ध्यान दिलाते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि, जल्द ही इसे लेकर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा और मनपा अधिकारियों के आंतर महानगर पालिका तबादले करने की नीति तैयार की जाएगी. जिसके तहत शहर अभियंता, मुख्य अभियंता, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी व मुख्य अग्निशमन अधिकारी जैसे मनपा की नीतियों से संबंधित महत्वपूर्ण पदों पर रहनेवाले अधिकारियों का समय-समय पर अन्य महानगर पालिकाओं में तबादला किया जाएगा.





