भाजपा की सभा प्रचार की बजाए बनी व्यक्तिगत ‘खुन्नस’ का अखाडा
पालकमंत्री के सामने ही भिड गए सांसद डॉ. बोंडे व पूर्व सांसद नवनीत राणा

* दोनों ने भगवा व कमल की आड लेकर एक-दूसरे पर जमकर कसे तंज
* सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने पुरानी बातें भूलकर आगे बढने पर दिया जोर
* पूर्व सांसद नवनीत राणा ने लोकसभा चुनाव में गद्दारी करनेवालों का मुद्दा उठाया
* दशहरा मैदान पर आयोजित प्रचार सभा में दोनों नेताओं के बीच जमकर हुआ घमासान
अमरावती/दि.9 – आगामी 15 जनवरी को होने जा रहे अमरावती मनपा के चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी प्रत्याशियों का प्रचार करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी द्वारा गत रोज स्थानीय दशहरा मैदान पर आयोजित जनसभा उस समय विवाद का अखाड़ा बन गई, जब मंच से ही सांसद डॉ. अनिल बोंडे और पूर्व सांसद नवनीत राणा के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. सभा में मौजूद पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की उपस्थिति के बावजूद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर खुलकर तंज कसे, जिससे पार्टी की आंतरिक कलह सार्वजनिक मंच पर उजागर हो गई. दोनों नेताओं ने भगवा झंडे और कमल के प्रतीक की आड़ लेते हुए परोक्ष रूप से एक-दूसरे पर निशाना साधा. सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने अपने भाषण में पुरानी बातों को भुलाकर आगे बढ़ने की अपील की और पार्टी संगठन की एकजुटता पर जोर दिया. वहीं, पूर्व सांसद नवनीत राणा ने लोकसभा चुनाव के दौरान हुई कथित गद्दारी का मुद्दा उठाते हुए अप्रत्यक्ष रूप से पार्टी के ही कुछ नेताओं पर सवाल खड़े किए. सभा के दौरान दोनों नेताओं के बयानों में तल्खी बढ़ती गई और प्रचार की बजाय व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप चर्चा का केंद्र बन गए. दशहरा मैदान में आयोजित इस सभा में कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के सामने भाजपा की अंदरूनी खींचतान साफ नजर आई.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है. हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

* पहले सांसद डॉ. बोंडे ने कसा तंज, कहा – सामने सगा भाई भी हो, तो भी भगवा के प्रति ईमानदार रहो
गत रोज दशहरा मैदान पर भाजपा की ओर से आयोजित जनसभा में अपने संबोधन के दौरान भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने इशारों ही इशारों में पूर्व सांसद नवनीत राणा पर निशाना साधते हुए कहा कि, अगर एक बार भगवा पहन लिया, तो फिर सारी पुरानी बातों को भूल जाना चाहिए. अगर अपना सगा भाई भी भाजपा के खिलाफ किसी अन्य पार्टी से चुनाव में खडा हो, तो भी भगवा रंग और भाजपा के ‘कमल’ के प्रति ईमानदार रहना चाहिए. ऐसे में चुनाव के दौरान कौन क्या बोल रहा है, इस पर ध्यान देने की बजाए अपना ध्यान भाजपा के कमल चुनाव चिन्ह पर ही केंद्रीत रखना चाहिए. उल्लेखनीय है कि, भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा द्वारा मनपा चुनाव में कई सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की बजाए युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशियों का प्रचार किया जा रहा है और उन सीटों पर ‘कमल’ की बजाए ‘पाना’ चुनावी चिन्ह के पक्ष में वोट डालने की अपील मतदाताओं से की जा रही है. जिसके चलते माना गया कि, सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने पूर्व सांसद नवनीत राणा पर इसी बात को लेकर कटाक्ष किया था.

* पूर्व सांसद नवनीत राणा ने भी किया पलटवार, ‘कमल’ से गद्दारी करनेवालों को नहीं छोडने की बात कहीं
गत रोज आयोजित जनसभा में सांसद डॉ. अनिल बोंडे के संबोधन पश्चात जब पूर्व सांसद नवनीत राणा अपने विचार व्यक्त करने हेतु माईक पर पहुंची, तो उन्होंने सांसद डॉ. बोंडे द्वारा किए गए कटाक्ष का जवाब उन्हीं की तरह इशारों ही इशारों में दिया और कहा कि, लोकसभा चुनाव में जिन-जिन लोगों ने भाजपा और ‘कमल’ चुनाव चिन्ह के साथ गद्दारी की थी, उसमें से एक को भी छोडा नहीं जाएगा, बल्कि ऐसे लोगों के साथ पूरा हिसाब-किताब बराबर किया जाएगा. पूर्व सांसद नवनीत राणा ने अमरावती संसदीय क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर अपनी खुद की हार का उल्लेख करते हुए कहा कि, जब पीएम मोदी ने संसदीय चुनाव में ‘अब की बार, 400 पार’ का नारा दिया था. तब अमरावती शहर सहित जिले से वास्ता रखनेवाले कुछ भाजपा नेताओं ने एक सीट हार जाने से कोई फर्क नहीं पडने की बात कही थी और अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अमरावती में भाजपा प्रत्याशी को हराने का काम किया था. ऐसे में जिन-जिन लोगों ने भाजपा के ‘कमल’ और भगवा रंग के साथ बेईमानी की थी, उन्हें तो कतई नहीं बख्शा जाएगा. साथ ही नवनीत राणा ने यह भी कहा कि, उनके पास लोकसभा चुनाव के समय ‘कमल’ के खिलाफ काम करनेवालों की सूची है और वे उस सूची में शामिल लोगों में से एक को भी नहीं बख्शेंगी. इसके अलावा पूर्व सांसद नवनीत राणा ने यह भी कहा कि, इस बार कोई भगवाधारी ही अमरावती के महापौर पद पर आसीन होगा.





