भेदभाव की राजनीति में आम इंसान पीस रहा है

अमरावती में फिर बरसे सांसद ओवैसी

* एकेडमिक हाईस्कूल के ग्राउंड पर भव्य जनसभा
* महागठबंधन सरकार पर साधा निशाना
* कहा-देश का संविधान हर नागरिक के लिए बना है
अमरावती/दि.11 -यहां के वलगांव रोड स्थित एकेडमिक हाईस्कूल के ग्राउंड पर एमआईएमआईएम के सांसद ओवैसी की भव्य जनसभा कल हुई. महापालिका चुनाव हेतु एमआईएमआईएम के उम्मीदवारों के प्रचार के लिए सांसद ओवैसी अससुद्दीन का दूसरी बार आगमन हुआ. भव्य जनसभा में उन्होंने महागठबंधन सरकार पर निशाना साधा, साथही राकांपा पर भी तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि, जिस अजीत पवार की पार्टी ने लोकसभा में वक्फ बोर्ड के कानून का खुले तौर पर समर्थन किया, अब उन्हीं अजीत पवार वाले गुट के लोग मुस्लिम बहुल क्षेत्रीय इलाकों में वोट मांग रहे है. सांसद ओवैसी ने कहा कि, पूरे देश में सबसे बडे दूसरे नंबर के प्रदेश में यानि महाराष्ट्र में पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. अमरावती शहर में भी 110 रुपए तक पेट्रोल पहुंच गया है. जबकि, गुजरात में 94 रुपए ही पेट्रोल के दाम है. ऐसे में भेदभाव की इस राजनीति में आम इन्सान पीस रहा है.
इस अवसर पर सांसद ओवैसी ने भाजपा पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि, भाजपा का नारा है-सबका साथ, सबका विकास, जबकि यह पार्टी सिर्फ सेक्युलन के नाम पर वोट मांग रही है. वहीं दो समाज को आपस में भडकाकर चुनाव जीतना इनकी पुरानी आदत बन चुकी हैं. ऐसे में किसी भी को डरने की जरूरत नहीं.

डरना है तो अल्लाह से डरें
सांसद ओवैसी ने जनसभा में संबोधित करते हुए कहा कि, अगर डरना है तो अल्लाह से डरें. क्योंकि भारत का संविधान हर किसी नागरिक के लिए बना हुआ है. हर कोई अपने लोकतंत्र के हिसाब से जीवन जी सकता है. जब तक सच का सामना मतदाता करते रहेंगे, तब तक दुनिया तुम्हे सलाम करेगी.
* विवादित बयानबाजी से माहौल होता है खराब
ओवैसी ने कहा कि, विवादित बयानबाजी से देश का माहौल खराब होता है. जब से भाजपा सरकार बनी है तब से विवादित बयानबाजी कर माहौल खराब करने का प्रयास दिल्ली से लेकर गली तक शुरु है. खासकर चुनाव के दौरान भाजपा जातिवाचक भाषा का इस्तेमाल कर समाज में नफरत फैलाने का काम कर रही हैं. काले कानून को सफेद करने का काम मोदी सरकार ने किया है.
* हजारों की भीड ने किया समर्थन
अपने भाषण के दौरान सांसद ओवैसी ने अजीत पवार का बार-बार नाम लेते हुए कहा कि, अजीत पवार को वोट देना यानि मोदी को वोट देने के बराबर है. ऐसे में जिस अजीत पवार की राकांपा ने वक्फ बोर्ड कानून का समर्थन किया है, उन्हें आप लोग मतदान करेंगे क्या? ऐसा सांसद ओवैसी ने उपस्थित जनसमुदाय से करने पर हजारों की भीड ने उनके इस बयान का समर्थन किया.
* मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश
सांसद ओवैसी ने अमरावती की विधायक सुलभा खोडके तथा संजय खोडके पर भी निशाना साधते हुए कहा कि, दोनों स्थानीय विधायक मुस्लिम बहुल क्षेत्रीय इलाकों में उम्मीदवार खडे कर राकांपा के नाम पर वोट मांग रहे है. जबकि, हकीकत यह है कि, यह पार्टी पूरी तरह मोदी सरकार से मिली हुई है. सिर्फ चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर मतदाताओं पर गुमराह करने की कोशिश कर रहे है.

शायराना अंदाज में रखी अपनी बात
कुछ दिन पहले एमआईएमआईएम के विधायक एवं नेता के वाहन पर हुए हमले के बाद सांसद ओवैसी ने कहा कि, कुछ लोग जान-बूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे है. हैदराबाद न जाने देने की धमकियां तक दी जा रही है. उन्होंने अपने शायराना अंदाज में कहा कि, तुम तो यानि मतदाता कहो कोई पत्थर से न मारे इस दीवाने को….
उन्होंने यह भी कहा कि, सुप्रीम कोर्ट ने दो नौजवान युवकों की जमानत खारिज कर दी है. देश के पूर्व कानून मंत्री पी.चिदंबरम ने यह कानून बनाया था, जिसमें दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक समाज के खिलाफ होने की बात पी.चिदंबरम ने कही है. और इसी कानून के तहत सुप्रीम कोर्ट ने उन मासूमों की जमानत खारिज कर दी है. जबकि इस कानून का लोकसभा में सिर्फ मैंने ही कडा विरोध किया था. ऐसे में देश में समाज को अलग-अलग करने की कोशिश कांग्रेस सरकार से चली आ रही है. ऐसे में अगर मतदाताओं को सही सलामत रहना है तो पतंग को वोट करने की आवश्यकता है.

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