डॉ. बशीर पटेल को ‘आफ़ताब-ए-सहाफ़त’ अवॉर्ड
नांदेड़ में उर्दू पत्रकारिता का सम्मान, सीरत प्रोग्राम-19 के केंद्रीय समारोह में पत्रकारिता व समाजसेवा को मिली नई पहचान

*हाफ़िज़ नाज़िम अंसारी, इरफ़ान अहमद ख़ान और मो. जावेद भी विविध क्षेत्रों में सम्मानित
* ख़ादिमीन-ए-उम्मत की पहल को बुद्धिजीवियों और पत्रकारों ने बताया प्रेरणादायक कदम
नांदेड़ /दि.20 – सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय संस्था ख़ादिमीन-ए-उम्मत की ओर से आयोजित सीरत प्रोग्राम-19 के अंतर्गत केंद्रीय समारोह का आयोजन नांदेड़ के हैदर गार्डन ़फंक्शन हॉल में संपन्न हुआ. इस अवसर पर उर्दू पत्रकारिता, सामाजिक चेतना और शैक्षणिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए वरिष्ठ पत्रकार डॉ. बशीर पटेल को पत्रकारिता के प्रतिष्ठित सम्मान आफ़ताब-ए-सहाफ़त अवॉर्ड से नवाज़ा गया. कार्यक्रम में पत्रकारिता, समाजसेवा और विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अन्य व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया गया. इनमें हाफ़िज़ नाज़िम अंसारी, इरफ़ान अहमद ख़ान और मो. जावेद शामिल हैं, जिन्हें उनके-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका और सराहनीय सेवाओं के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए.
संस्था के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि ख़ादिमीन-ए-उम्मत बीते उन्नीस वर्षों से छात्रों और छात्राओं में दीनी व सामाजिक चेतना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निरंतर सीरत प्रोग्राम का आयोजन कर रही है. इस कार्यक्रम का अंतिम चरण केंद्रीय जलसा होता है, जिसमें राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ हर ज़िले से ऐसे पत्रकारों को सम्मानित किया जाता है, जो पत्रकारिता के माध्यम से दीन व मिल्लत की सेवा में सक्रिय भूमिका निभाते हैं.
सम्मान स्वीकार करते हुए डॉ. बशीर पटेल ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए एक व्यक्तिगत सम्मान के साथ-साथ उर्दू पत्रकारिता की ज़िम्मेदारियों को और अधिक ईमानदारी से निभाने की प्रेरणा है. उन्होंने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के वास्तविक मुद्दों को सामने लाना और नई पीढ़ी को भाषा व विचार से जोड़ना ही पत्रकारिता का मूल उद्देश्य होना चाहिए.
कार्यक्रम में शिक्षाविदों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही. समारोह के समापन पर संस्था की ओर से यह संकल्प दोहराया गया कि उर्दू पत्रकारिता की परंपरा, उसकी विश्वसनीयता और सामाजिक भूमिका को मज़बूत करने के लिए ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे.





