‘महालैब्स’ से करोड़ों को मिला मुफ्त डायग्नोस्टिक लाभ

7.6 करोड़ मरीजों तक पहुंची मुफ्त जांच सेवा

मुंबई/दि.20 – राष्ट्रीय निःशुल्क प्रयोगशाला निदान सेवा योजना के तहत राज्य में शुरू की गई ‘महालैब्स’ मरीजों के लिए बड़ा आधार बनी है.इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश की 3,500 से अधिक सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों में मरीजों को बुनियादी जांच से लेकर उन्नत विशेष परीक्षण तृक निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे है.जिससे समय पर बीमारी की पहचान और इलाज संभव हो सका है.अब तक 7.6 करोड़ से अधिक मरीज इस योजना का लाभ उठा चुके हैं. औसतन प्रतिदिन 45,000 से अधिक मरीज महालेब्स की सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं.
महालेब्स में हिस्टोपैथोलॉजी, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (आरटीपीसीआर), माइक्रोबायोलॉजी, एचबी इलेक्ट्रोफोरेसिस और नवजातों की स्क्रीनिंग जैसी विशेष जांच शामिल हैं. कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों के अनुसार नवजात स्क्रीनिंग, एचबी इलेक्ट्रोफोरेसिस, वायरल लोड टेस्टिंग और हेमेटोलॉजी के क्षेत्र में महालैब्स की प्रयोगशालाएं देश में सबसे अधिक जांच करने वाले केंद्रों में शामिल हैं.

* पुणे से राज्यव्यापी विस्तार
महालैब्स की शुरुआत वर्ष 2017 में पुणे की एक प्रयोगशाला से हुई थी.मौजूदा समय में इस कार्यक्रम का विस्तार राज्य की 137 प्रयोगशालाओं के नेटवर्क तक हो चुका है.नवी मुंबई के खारघर स्थित प्रयोगशाला को कॉलेज ऑफ अमेरिकन पैथोलॉजिस्ट्स की मान्यता भी मिली है.

* राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं से एकीकरण
महाराष्ट्र सरकार ने महालैब्स के साथ कई राष्ट्रीय निदान योजनाओं को भी एकीकृत किया है.जिससे रोगों की समय पर पहचान, प्रबंधन और उन्मूलन को मजबूती मिली है.इनमें राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन, राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम शामिल हैं.

* वाट्सएप पर भेजी जारी रिपोर्ट
सभी जांच रिपोर्ट्स एसएमएस, वाट्सएप, डॉक्टर पोर्टल और ई-मेल के जरिये डिजिटल रूप में मरीजों और स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाई जाती हैं. इसकी हार्ड कॉपी बाद में उपलब्ध कराई जाती है.

Back to top button