इस बार गर्मी में नहीं करनी पडेगी पानी की चिंता

संभाग के बांधों में 60 फीसद जलसंग्रह

* गत वर्ष की तुलना में स्थिति सुधरी
अमरावती /दि.27 गर्मी के मौसम की आहट सुनाई देते ही राज्य में जल किल्लत की चर्चा भी जोर पकडने लगती है. परंतु इस बार अमरावती जिले के पांचों जिलो हेतु काफी हद तक दिलासादायक चित्र दिखाई दे रहा है. 19 फरवरी तक उपलब्ध आंकडों के मुताबिक संभाग के बडे, मध्यम व लघु प्रकल्पों में औसत 60.82 फीसद जलसंग्रहण रहने की जानकारी सामने आई है. विशेष उल्लेखनीय है कि, गत वर्ष इसी समय तक संभाग के सभी छोटे-बडे व मध्यम प्रकल्पों में 53.40 फीसद जलसंग्रहण था, यानि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष गर्मी के मौसम के मुहाने पर जलसंग्रहण की स्थिति काफी हद तक शानदार व समाधानकारक है.
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक संभाग में इस समय सर्वाधिक जलसंग्रहण यवतमाल जिले में है. जहां के बांधों में करीब 66 फीसद जलसंग्रहण है. जबकि गत वर्ष यवतमाल जिले के बांधों में मात्र 50 फीसद जलसंग्रहण ही था. वहीं अमरावती, अकोला व बुलढाणा जिलों के बांधों में औसत 60 से 61 फीसद जलसंग्रह रहने की जानकारी है. इस स्थिति को गर्मी के मौसम के प्रारंभ में काफी हद तक आश्वासन स्थिति माना जाता है. जबकि संभाग के अन्य जिलों की तुलना में वाशिम जिले में सबसे कम यानि 47 फीसद जलसंग्रहण है. जहां पर गत वर्ष इस समय तक 43 फीसद जलसंग्रहण ही था. जिसके चलते वाशिम जिले की स्थिति को भी गत वर्ष की तुलना में काफी हद तक समाधानकारक कहा जा सकता है.

* प्रकल्प निहाय स्थिति
संभाग में कुल 289 सिंचाई प्रकल्प है. जिनमें छोटे, मध्यम व बडे ऐसे तीन प्रकारों के प्रकल्पों का समावेश होता है.
– बडे प्रकल्प – बडे प्रकल्पों में सर्वाधिक जलसंग्रहण है. जो भविष्य में संबंधित क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिहाज से मुख्य आधार साबित होनेवाला है.
– मध्यम व लघु प्रकल्प – कई मध्यम प्रकल्पों में 55 से 63 फीसद तथा लघु प्रकल्पों में औसतन 50 फीसद जलसंग्रहण उपलब्ध रहने की जानकारी है.

* अमरावती संभाग में इस बार गर्मी के मौसम की आहट को देखते हुए कहा जा सकता है कि, गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष जलसंग्रहण को लेकर स्थिति शानदार है. संभाग के बांधों में 60 फीसद से अधिक जलसंग्रहण रहने के चलते सभी शहरों एवं गावों को गर्मी के मौसम दौरान किसी भी तरह की जलकिल्लत का सामना नहीं करना पडेगा. ऐसे स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे है.
– जगत टाले
मुख्य अभियंता, जलसंपदा विभाग, अमरावती.

* क्या कहते है विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार जलसंग्रहण की स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि, गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष जलकिल्लत की समस्या काफी हद तक कम रहेगी. लेकिन मार्च माह से तापमान में वृद्धि होने के बाद पानी का बाष्पीकरण बडी तेजी के साथ होगा. साथ ही रबी फसलों के लिए भी पानी की निकासी करनी होगी. जिसके चलते जलस्तर तेजी के साथ नीचे आ सकता है. यद्यपि इस समय जलसंग्रहण की स्थिति शानदार है, लेकिन प्रशासन को मई व जून माह के लिए पीने के पानी हेतु अभी से नियोजन करना होगा. जिन बांधो में 50 फीसद से कम जलसंग्रहण है, उन बांधों के प्रबंधन द्वारा पानी की आपूर्ति को लेकर अभी से कटौती करनी होगी. ताकि गर्मी के मौसम दौरान पानी की कमी न होने पाए.

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