उम्र नहीं निवेश के साथ कैश फ्लो से आती है आर्थिक सक्षमता
माहेश्वरी शिक्षा सहयोग समिति द्बारा निवेश के प्रति जागरूकता लाने रॉबस्ट पोर्टफोलियो इन रोबोटिक टाईम विषय पर मार्गदर्शन कार्यक्रम

* मुंबई से पधारे अमित त्रिवेदी का प्रतिपादन
* कार्यक्रम को सभी ने सराहा
अमरावती/ दि. 2 – हम समय के साथ निवेश करने में रूचि बढाने लगे है. लेकिन हम इस बात से अंजान है कि हमें किस चीज में और कितना निवेश करना चाहिए. यह बाते अगर ध्यान में रखते हुए इंटेलिजन्स, एनर्जी, इंटेग्रिट के साथ किसी निवेश को लाईफ टाईम ईकोनॉमिकल ग्रोथ की तरह देखते है तो हमें हमेशा ही लाभ मिलेगा. किसी भी प्रकार का निवेश उम्र देखकर नही बल्कि आर्थिक सक्षमता के लिए होना चाहिए जो हमें समय- समय पर निवेश का लाभ देते हुए हमारी आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सके. ऐसा सुझाव मुंबई से आए अमित त्रिवेदी ने दिया.
स्थानीय होटल ग्रैंड महफिल इन के हॉल में रविवार 1 मार्च को माहेश्वरी शिक्षा सहयोग समिति द्बारा निवेश के प्रति लोगों में जागरूकता बढाने के उद्देश्य से रॉबस्ट पोर्टफोलियो इन रोबोटिक टाईम इस विषय पर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया है. इस अवसर पर अमित त्रिवेदी ने कहा कि निवेश और मजबूत पोर्टफोलियो एक प्रकार से एक- दूसरे के पूरक है. आज हम रोबोटिक टाइम में जी रहे हैं. एआई की तकनीक के साथ हमें किस प्रकार से अपने जीवन को सुरक्षित करने के लिए कहां और कब निवेश करना चाहिए. इस बात की हमें जानकारी नहीं होती. जिसके कारण हम कई बार इस रेस में पीछे रह जाते हैं. अगर किसी गाने में सिर्फ ड्रम हो तो वह अधूरा लगेगा. उसी तरह, अगर आपका सारा पैसा सिर्फ एक ही जगह है. जैसे केवल शेयर बाजार तो वह जोखिम भरा हो सकता है. इसके लिए हमें अपने निवेश के विविध स्थानों पर संरक्षित करना चाहिए. जैसे की इक्विटी (शेयर), डेट (बान्ड/ फिक्सड इनकम ), गोल्ड, रियल एस्टेट और अब डिजिटल एसेट्स में भी निवेश करने से हमें लाभ मिल सकता है. इसके चलते जोखिम को संतुलित करना आसान हो जाता है. रोबोटिक टाइम में एल्गोरिदम तेजी से ट्रैंड करते हैं. , मार्केट सेकंडों में उपर नीचे होती है. इसलिए अपनी रिक्त टॉलरेन्स को समझना जरूरी है. इमरजेंसी फंड रखना भी आवश्यक है. लॉन्ग-टर्म सोच रखनी जरूरी है. निवेश में भी एआईपी जैसी नियमितता जरूरी है. छोटे- छोटे निवेश समय के साथ बडी संपत्ति बनाते हैं. कम्पाउडिंग वही जादू है जो धीरे-धीरे चमत्कार करता है. मार्केट गिरती है, उठती है, लेकिन धैर्य ही असली कला है. डेफिसिएन्शी, डिसीप्लीन, पेशन्स यह तीन सूत्र ही ररूबस्ट इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो तैयार करने में सहयोग देते है. कार्यक्रम की प्रस्तावना माहेश्वरी शिक्षा सहयोग समिति के अध्यक्ष शेखर राठी ने रखी. उन्होंने कहा कि रोबोटिक के इस युवक में जीवन यापन के लिए कमाई का जरिया बदलना जरूरी नहीं बल्कि हमें निवेश के तरीके बदलना आवश्यक है. हमारी आगे की आनेवाली पीढी को निवेश की आदत लगाने के साथ ही उन्हें इसके तरीके तथा सोच के बीच का अंतर पता चले. इसके लिए उन्हें भी इस प्रकार के आयोजन से जोडना होगा. हम हमेशा हार्ड वर्क को प्राथमिकता देते हैं. लेकिन हार्ड वर्क के साथ आज की युवा पीढी जो स्मार्ट वर्क करते हैं. वह भी जरूरी है. क्योंकि दोनों ही सफलता के माध्यम है. लेकिन दोनों में काम का तरीका अलग- अलग होता है. समाज के विकास के लिए आर्थिक निवेश का नियोजन करना जरूरी है. नये आयाम को समझना जरूरी है तथा सीखने के लिए आज के इस कार्यक्रम के माध्यम से आनेवाले समय में निवेश से आर्थिक उन्नति किस प्रकार कर सकते हैं. इस बात को जानना भी जरूरी होने की बात उन्होंने कही. कार्यक्रम की श्ाुरूआत दीपप्रज्वलन तथा मान्यवरों के स्वागत सत्कार के साथ की गई. सेमिनार का संचालन सचिव रितेश बूब व आभार अध्यक्ष शेखर राठी ने माना. इस अवसर पर मुंबई से पधारे अमित त्रिवेदी का समिति की ओर से पुष्प व स्मृतिचिन्ह देकर सत्कार किया गया. कार्यक्रम में समिति सदस्यों में गोपालदास राठी, प्रकाश केला, संजय राठी, अजय हेडा, सुनील मालपानी, रितेश बूब, मानीक्षा सिकची, सीए संजय लखोटिया, शरद कासट आदि उपस्थित थे. इसके अलावा संतोष कासट, संजय टावरी, प्रशांत मुंधडा, दामोदर बजाज, ओम लढ्ढा, आनंद मालपानी, महेंद्र भूतडा, राजू कासट, विजय राठी, एस. डी. लखोटिया, माहेश्वरी पंचायत के अध्यक्ष सुरेश साबु, सचिव अशोक जाजु, संजय राठी की विशेष रूप से उपस्थिति रही. सभी मान्यवरों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया. इसके अलावा उद्योजक, सीए, डॉ. आनंद काकाणी, डॉ. सिकंदर अडवाणी, सीए पवन जाजु, सीए गिरीश चांडक, अजय राठी, वीरेंद्र मुधडा, रमेश चांडक, रौनक हेडा, राहुल चांडक, संकेत सादानी, सुरेश हेडा, सुमित कलंत्री, डॉ. सीमा अडवानी, राजीव मोहता, संतोष राठी, रोहन कलंत्री, माधव मालपानी, सीए गणेश अट्टल, तुषार कासट, दीपक कासट आदि समेत अन्य बडी संख्या में नागरिक उपस्थित थे.





