बैंक से ठगी करनेवाले 4 जेल रवाना, दो रिमांड पर
इंडियन बैंक को 82 लाख रुपए चुना लगाने का प्रकरण

अमरावती / दि. 4 – फर्जी कागजपत्र और फर्जी व्यक्ति खडे कर इंडियन बैंक को 82 लाख रुपए का चुना लगाने के प्रकरण में गिरफ्तार छह आरोपियों में से चार आरोपियों का पुलिस रिमांड समाप्त होने पर पुलिस द्वारा उन्हें न्यायालय में पेश करने पर न्यायिक हिरासत में जेल रवाना करने के निर्देश अदालत ने दिए है. जबकि दो आरोपी 6 मार्च तक पुलिस रिमांड पर है.
बता दे कि इस प्रकरण में मुख्य आरोपी ने मिलीभगत कर निवासी मूकबधीर विद्यालय दर्यापुर और मतिमंद विद्यालय वायगांव आष्टी में सहायक शिक्षक, वॉर्डन और केअरटेकर के रुप में नौकरी पर रहने का दिखावा किया. इशके लिए आरोपी रोहन भोपले नौकरी का फर्जी कागजपत्र, सैलरी सर्टिफिकेट और जीपीएफ प्रमाणपत्र तैयार किया था. यह सभी फर्जी कागजपत्र घर के कर्ज के लिए इंडियन बैंक के कैंप और पीडीएमसी शाखा में प्रस्तुत किए. आरोपियों ने केवल कागजपत्र नहीं बल्कि शेगांव निवासी श्रीराम पांडे और राजेंद्र मुंडेगांवकर के नाम से रहे प्लॉट के फर्जी बिक्रीपत्र व ईसारचिठ्ठी तैयार की. साथ ही पैनकार्ड, आधार कार्ड भी फर्जी तैयार किए. इश आधार पर कोटक महेंद्रा बैंक, एक्सीस बैंक और अमरावती जिला बैक में फर्जी व्यक्ति खडे कर खाते खोले और उन खातो का इस्तेमाल जालसाजी के लिए किया. इश माध्यम से इंडियन बैंक की कैंप शाखा से 38 लाख रुपए और पीडीएमसी शाखआ से 44 लाख रुपए ऐसे 82 लाख रुपए उठाकर बैंक से जालसाजी की. इस प्रकरण में आर्थिक अपराध शाखा के दल ने जांच करते हुए कुल 11 आरोपी का इसमें समावेश रहने का पता लगाया. इनमें से 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए. इनमें संजय दुर्योधन धंदर, सुनील ओंकारराव धंदर, अतुल रमेश छापानी, सुमित गंगाप्रसाद जयस्वाल, दीपक गेंदालाल गुप्ता और रोहन आनंदराव भोपले का समावेश है. दीपक गुप्ता और रोहन भोपले को छोडकर शेष चारो आरोपियों का 4 मार्च को रिमांड समाप्त होने पर उन्हें पुलिस ने फिर से अदालत में पेश कर रिमांड बढ़ाकर देने का अनुरोध किया. लेकिन न्यायालय ने दोनों पक्षो की दलीले सुनने के बाद चारो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल रवाना करने के निर्देश दिए. अब आर्थिख अपराध शाखा पुलिस जिला न्यायालय में आरोपियों को फिर से पुलिस हिरासत में लेने के लिए अर्जी करनेवाली है.