इकलौते बेटे के निधन से राउत परिवार का आधार चला गया
दुर्घटना में दो लोगों की मृत्यु से मुदलीयार नगर में शोक

* तालाब में तैरने जाना पडा महंगा
अमरावती/दि.5 – कार्तिक यह उनके परिवार का भविष्य का बडा आधार था. लेकिन रंगपंचमी के दिन तालाब में डूबने से हुई मृत्यु के कारण परिवार के सदस्य गहरे सदमें में हैं. मेहनती, होनहार और मिलनसार स्वभाव का कार्तिक यह राउत परिवार का इकलौता बेटा था. उसके आकस्मिक निधन के कारण परिवार ने अपना इकलौता बेटा और आधार खो दिया हैं.
कार्तिक की अकाल मृत्यु से हिंगोली से यहां पहुंचे उनके रिश्तेदार डॉ. अंकुश कुमार धर्माधिकारी ने कहा कि राउत परिवार में तीन बहनों के बीच कार्तिक एक भाई था. बडी बहन के विवाह के कारण दामाद के रूप में वे इस परिवार के सदस्य हुए. मंगलवार को रंगपंचमी के दिन दोपहर का खाना खाने के बाद कार्तिक पहले बडनेरा मार्ग के एक लॉन पर आयोजित कार्यक्रम शामिल हुआ. पश्चात दोस्तो का फोन आने से भानखेडा मार्ग के मालेगांव तालाब के पास पहुंचा और तैरने की लालसा में बडा अनर्थ हो गया. कार्तिक के पिता प्रदीप राउत यह गत 31 दिसंबर को सरकारी खाते से सेवानिवृत्त हुए हैं. भविष्य में कार्तिक ही इस परिवार का बडा आधार था. लेकिन नियती को शायद कुछ और मंजूर था.
* … तो शायद यह दुर्घटना टल गई होती
कार्तिक राउत ने अपने दोस्तों के अनुरोध पर तालाब पर जाने का निर्णय लिया था. कदाचित फोन पर संपर्क न हुआ होता अथवा संपर्क होने के बाद भी उसने वहां जाना टाला होता तो यह खतरा टल गया रहता. लेकिन काल के आगे कुछ कहा नहीं जा सकता. इस तरह हताश हुए कुछ रिश्तेदार आपस में बातचित कर रहे थे.
* फार्मसी महाविद्यालय में तृतीय वर्ष में था कार्तिक
कार्तिक राउत ने 12 वीं उत्तीर्ण करने के बाद आगे क्या करना ऐसा प्रश्न उपस्थित किया था. उस समय अभियांत्रिकी में जाना या किसी शाखा की तरफ, ऐसा प्रश्न निर्माण हुआ था. ऐसे समय उसे फार्मसी लेने की शिक्षा लेने की सलाह परिवार के सदस्यों ने दी. वह कारंजा लाड तहसील में खेरडा ग्राम के कमलपुष्प फार्मसी महाविद्यालय में तृतीय वर्ष में शिक्षा ले रहा था.





