किसके पास रहेगी अमरावती महानगर पालिका की ‘तिजोरी’
कल स्थायी समिति के सभापति का होगा चुनाव

* भाजपा या राकांपा के पास रह सकता है सभापति पद
* आज रात बनेगी बात, विधायक संजय खोडके ने दी जानकारी
अमरावती/दि.5 – अमरावती महानगर पालिका का चुनाव हुए अब करीब डेढ माह का समय बीत चुका है. इस दौरान महापौर व उपमहापौर सहित सभागृह के नेता व नेता प्रतिपक्ष के साथ ही 8 स्वीकृत पार्षदों व स्थायी समिति के 16 सदस्यों के चयन की प्रक्रिया भी विगत 20 फरवरी को हुई मनपा के नए सदन की पहली आमसभा में पूरी हो गई. जिसके बाद सभी की निगाहें इस बात की ओर लगी हुई है कि, 16 सदस्यीय स्थायी समिति के सभापति पद पर किस पार्टी के कौनसे पार्षद का निर्वाचन होता है तथा मनपा के खजाने की चाबी किसके पास रहती है, इस सवाल का जवाब अगले 24 घंटे के भीतर यानि कल 6 फरवरी की दोपहर तक प्राप्त हो जाएगा. क्योंकि विभागीय आयुक्त द्वारा तय की गई तारीख के अनुसार कल 6 फरवरी को अमरावती महानगर पालिका में स्थायी समिति की पहली बैठक होगी. जिसमें स्थायी समिति के सभापति पद के लिए चुनाव कराया जाएगा. अनुमान है कि, इस बार स्थायी समिति का सभापति पद भाजपा या अजीत पवार गुट वाली राकांपा में से किसी एक पार्टी के पास रह सकता है. इस बारे में जानकारी हेतु संपर्क किए जाने पर राकांपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य संजय खोडके ने बताया कि, उनकी इस बारे में पार्टी की नेत्री व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार सहित भाजपा नेता व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ लगातार चर्चा जारी है और आज शाम तक इस बारे में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा.
बता दें कि, 16 सदस्यीय स्थायी समिति में भाजपा, युवा स्वाभिमान पार्टी, अजीत पवार गुट वाली राकांपा के गठजोड वाली महायुति के पास स्पष्ट बहुमत है. जिसके तहत स्थायी समिति में भाजपा के 5, युवा स्वाभिमान पार्टी के 3 एवं राकांपा के 2 सदस्य है. वहीं दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के 3 व एमआईएम के 2 सदस्य स्थायी समिति में पहुंचे है. जबकि काफी हद तक तठस्थ भूमिका लेकर चल रहे दोनों शिवसेना व बसपा के गुट के पास स्थायी समिति में 1 सदस्य है. जिसके मद्देनजर स्पष्ट है कि, स्थायी समिति का सभापति पद सत्ताधारी महायुति के पास ही रहेगा. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि, भाजपा, वायएसपी व राकांपा में से किस पार्टी के हिस्से में स्थायी समिति का सभापति पद जाता है.
उल्लेखनीय है कि, मनपा में सत्ता स्थापित करने हेतु हुए गठजोड के तहत भाजपा ने महापौर पद एवं युवा स्वाभिमान पार्टी ने उपमहापौर पद को अपने पास रखा था. जिसके चलते माना जा रहा है कि, संभवत: युति धर्म के तहत अब स्थायी समिति का सभापति पद अजीत पवार गुट वाली राकांपा के हिस्से में छोडा जा सकता है. हालांकी अभी इसे लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले है. जिसके चलते सत्ताधारी महायुति में शामिल तीनों प्रमुख घटक दलों द्वारा स्थायी समिति के सभापति पद को लेकर जबरदस्त रस्साकशी की जा रही है.
ज्ञात रहे कि, अमरावती मनपा के सदन में भाजपा के सर्वाधिक 25 सदस्य निर्वाचित हुए है. जिसके चलते पक्षीय बलाबल की स्थिति के तहत 16 सदस्यीय स्थायी समिति में भाजपा के सर्वाधिक 5 सदस्य भेजे गए है. जिनमें भाजपा पार्षद पद्मजा कौंडण्य, स्मिता सूर्यवंशी, मिलिंद बांबल, पंचफुला चव्हाण और विनोद तानवैस का समावेश है. इसके साथ ही पक्षीय बलाबल की स्थिति को देखते हुए स्थायी समिति में कांग्रेस और वायएसपी को 3-3 सीटें मिली है. इसके चलते कांग्रेस ने ललिता रतावा, अस्मा फिरोज खान और प्रशांत महल्ले को समिति में भेजा. वहीं वायएसपी की ओर से प्रशांत वानखेडे, दीपक साहू सम्राट और प्रियंका पाटणे को मौका दिया गया. इसके अलावा स्थायी समिति में राकांपा व एमआईएम के हिस्से में 2-2 सीटें आई है. जिसके चलते राकांपा ने अविनाश मार्डीकर व मिनल सवई तथा एमआईएम ने सलाउद्दीन इकरामुद्दीन व नजीम खान करीम खान को स्थायी समिति में भेजे जाने हेतु चुना है. इन सबके साथ ही शिवसेना के दोनों गुटों व बसपा के संयुक्त गुट के हिस्से में स्थायी समिति का एक सदस्य पद आया. जिसके लिए इस गुट ने सेना पार्षद मंजुषा जाधव के नाम को आगे बढाया. विगत 20 फरवरी को स्थायी समिति का गठन होने के बाद अब सभी की निगाहें कल 6 फरवरी को होने जा रही स्थायी समिति की पहली बैठक पर टिकी हैं, जहां सभापति पद के चयन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है.





