सामाजिक सद्भाव और अपराध नियंत्रण के लिए ‘सामुदायिक पुलिसिंग’ पर जोर
मोहल्ला समितियों को सक्रिय करने के लिए 40 लाख रुपये का अतिरिक्त कोष

अमरावती/दि.6 – राज्य में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और अपराध नियंत्रण को मजबूत करने के लिए सरकार ने ‘सामुदायिक पुलिसिंग’ योजना पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है. इस पहल के तहत पुलिस और नागरिकों के बीच सहयोग बढ़ाकर समाज में विश्वास और भाईचारे का वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है.
योजना के अंतर्गत ‘मोहल्ला एकता समिति’, ‘शांति समिति’, ‘मोहल्ला पंचायत’, ‘तनमुक्त समिति’ और ‘पुलिस मित्र’ जैसी स्थानीय समितियों को सक्रिय किया जाएगा. इन समितियों के माध्यम से पुलिस प्रशासन में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर मिल सके और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके.
* 40 लाख रुपये की अतिरिक्त निधि मंजूर
राज्य सरकार के गृह विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सामुदायिक पुलिसिंग योजना के तहत 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसमें से पहले ही 1 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. अब सरकार ने इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए 40 लाख रुपये की अतिरिक्त निधि मंजूर की है.
* जागरूकता और बैठकों पर खर्च होगा कोष
इस निधि का उपयोग स्थानीय स्तर पर जनजागरण अभियान, मोहल्ला समिति की बैठकें आयोजित करने और शांति बनाए रखने से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाएगा. पुलिस विभाग के अनुसार, इस योजना के जरिए नागरिकों और पुलिस के बीच संवाद बढ़ेगा तथा त्योहारों या संवेदनशील परिस्थितियों में सामाजिक समरसता बनाए रखने में मदद मिलेगी.
* डीजी स्तर से होगी निगरानी
योजना के तहत जारी की गई निधि के उपयोग और कार्यान्वयन की निगरानी पुलिस महानिदेशक स्तर से की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जमीनी स्तर पर पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो और अपराध नियंत्रण के प्रयास मजबूत हों.





