पूर्व मंत्री बच्चू कडू की मेलघाट संघर्ष यात्रा का हुआ समापन
सरकार के आश्वासन के बाद महापदयात्रा फिलहाल स्थगित

* आदिवासियों व किसानों के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का बच्चू ने किया ऐलान
* चिखलदरा में हुई सभा में पहुंचे मंत्री सामंत व आबिटकर, डेप्युटी सीएम शिंदे से कराई बच्चू कडू की बात
* डेप्युटी सीएम द्वारा दिए गए आश्वासन पश्चात बच्चू ने आंदोलन पीछे लेने का लिया निर्णय
अमरावती/चिखलदरा/दि.9 – मेलघाट क्षेत्र के आदिवासी समुदाय के मूलभूत मुद्दों को लेकर निकाली गई मेलघाट संघर्ष महापदयात्रा का समापन सोमवार को चिखलदरा में हुआ. हजारों आदिवासी नागरिकों की मौजूदगी में आयोजित सभा में पूर्व राज्यमंत्री बच्चू कडू ने सरकार का ध्यान मेलघाट के ज्वलंत मुद्दों की ओर आकर्षित करते हुए जोरदार एल्गार किया. इस आंदोलन को देखते हुए राज्य के मंत्री उदय सामंत, मंत्री प्रकाश आबीटकर तथा पूर्व सांसद आनंदराव अडसूल चिखलदरा पहुंचे और उन्होंने बच्चू कडू के साथ विस्तृत चर्चा की. सरकार की ओर से सकारात्मक पहल का आश्वासन मिलने के बाद फिलहाल इस महापदयात्रा को स्थगित कर दिया गया.
बता दें कि, विगत 1 मार्च से शुरू हुई इस पदयात्रा के माध्यम से मेलघाट क्षेत्र में पानी की समस्या, स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़क, बिजली, वन अधिकार, रोजगार और किसानों की कर्जमाफी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया. यात्रा के दौरान गांव-गांव जाकर बच्चू कडू ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. वहीं आज इस आंदोलन के नौवें दिन पूर्व मंत्री बच्चू कडू की पदयात्रा चिखलदरा पहुंची. जहां पर आईटीआई के प्रांगण में हजारों आदिवासियों की मौजूदगी में सभा का आयोजन किया गया. जिसमें हिस्सा लेने के लिए मेलघाट के विभिन्न गांवों से हजारों आदिवासी नागरिक पहुंचे. लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार नारेबाजी की. सभा को संबोधित करते हुए बच्चू कडू ने कहा कि मेलघाट का आदिवासी समाज आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है और सरकार को स्वास्थ्य, पानी, सड़क, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर ठोस निर्णय लेने होंगे.
वहीं इस बीच इस मामले में हस्तक्षेप करने हेतु राज्य सरकार की ओर से उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर जैसे दो वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को मुंबई से चिखलदरा के दौरे पर भेजा गया था. जिन्होंने चिखलदरा पहुंचने के बाद पूर्व मंत्री बच्चू कडू से सभा स्थल पर भेंट की और उन्हें राज्य सरकार, विशेष कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का संदेश दिया. इस समय सभा को संबोधित करते हुए मंत्री उदय सामंत ने कहा कि पानी आपूर्ति, रोजगार गारंटी, उद्योग और परिवहन से जुड़े मुद्दों पर विधानसभा सत्र समाप्त होने से पहले समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्वयं उन्हें पदयात्रा में भाग लेने और मेळघाट के लोगों को न्याय दिलाने के लिए निर्देश दिए हैं. वहीं मंत्री प्रकाश आबीटकर ने अपने संबोधन में बच्चू कडू के संघर्षपूर्ण नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि संघर्ष से उभरे नेता के पीछे हमेशा बड़ा जनसमर्थन होता है और बच्चू कडू ने यह समर्थन अपने काम से अर्जित किया है. इसलिए हम उनके प्रशंसक हैं. उन्होंने चुर्णी में उपजिला अस्पताल शुरू करने, स्वास्थ्य कर्मियों के लिए आवास और स्वच्छतागृह की व्यवस्था करने तथा लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया.
मुंबई से चिखलदरा पहुंचे दोनों मंत्रियों की बात सुनने के बाद कर्जमाफी के मुद्दे पर बोलते हुए बच्चू कडू ने कहा कि दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी का निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को केवल 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन पर्याप्त नहीं है. उन्होंने ऐसे किसानों को कम से कम डेढ़ लाख रुपये तक प्रोत्साहन राशि देने की मांग की. इस बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बच्चू कडू से फोन पर बातचीत कर आंदोलन की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के बाद सरकार ने समिति गठित की है और 30 जून 2026 तक कर्जमाफी का निर्णय लागू किया जाएगा. साथ ही मेलघाट संघर्ष यात्रा में उठाए गए मुद्दों का भी जल्द समाधान किया जाएगा.
सभा के अंत में बच्चू कडू ने कहा कि मेलघाट के आदिवासी नागरिकों ने इस आंदोलन को बड़े विश्वास के साथ समर्थन दिया है. उन्होंने कहा, आदिवासी भाइयों के अधिकारों के लिए यह संघर्ष शुरू हुआ है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, यह लड़ाई जारी रहेगी. मेलघाटवासियों का विश्वास हम कभी टूटने नहीं देंगे. इसके उपरांत पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने विगत 9 दिनों से चल रही मेलघाट संघर्ष यात्रा को फिलहाल स्थगित करने का ऐलान किया.





