तपन बढते ही शहर में डेंगू का प्रकोप, 2 माह में मिले 5 मरीज

चिकनगुनिया के भी 3 मरीज मिले

* लोगों के स्वास्थ्यके साथ खिलवाड
* जिला मलेरिया विभाग ने जांचे 62 संदिग्धों के सैम्पल
अमरावती /दि.10 – प्रशासक काल मनपा क्षेत्र में स्वच्छता की धज्जियां बडे पैमाने पर हुई. यही वजह है कि, शहर में जगह-जगह गंदगी और स्वच्छता का विषय यह मनपा में चुनावी प्रचार का मुद्दा बन गया था. उसके बाद शहर के 22 प्रभागों में 87 जनप्रतिनिधि और 8 मनोनीत सदस्य चुने गए. जिनकी अनुपस्थिति में स्वच्छता के मुद्दे पर मनपा में विशेष सभा भी हुई. लेकिन यह विशेष सभा भी कोई खास कारगर साबित नहीं हुई. वर्तमान स्थिति में भी शहर में जगह-जगह कचरों के ढेर और हर प्रभागों में सर्विस नालियां चोकअप दिखाई देती है. इसी बीच जिला मलेरिया विभाग से संपर्क करने पर पता चला कि, 1 जनवरी से 28 फरवरी तक मनपा क्षेत्र में 5 मरीज डेंगू के पाए गए और 3 मरीज चिकनगुनिया के पाए गए. जिला मलेरिया विभाग की टीम ने डंगू संदिग्ध रहनेवाले 65 मरीजों के सैम्पल्स की जांच की गई. जिसमें यह आंकडा सामने आया. दरअसल डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज बारिश के दिनों में पाए जाते है. लेकिन इस वर्ष जनवरी से लेकर तो फरवरी माह के अंत तक शहर में डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों का मिलना यह निश्चित चिंता की बात है.
उल्लेखनीय है कि, मनपा के स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में स्वच्छता को लेकर जो मुहिम चलाई जाती है, वह केवल कागजातों पर ही सीमित रहती है. किंतु शहर के अधिकांश मोहल्ले यह कंपोस्ट डिपो में तब्दिल हो चुके है और पिछले दो माह से शहर में अधिकांश मोहल्ले में सर्विस नालियां साफ नहीं होने से नालियां चोकअप हो जाने से पानी जमा रहता है और डेंगू के मरीज यह अनेक दिनों में एक ही जगह पर जमा रहनेवाले पानी में मिलते है. यहीं वजह है कि, मानसून खत्म हो जाने के बाद मनपा क्षेत्र में डेंगू के 5 और चिकनगुनिया के 3 मरीज शहर में पाए गए.

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