शिक्षक बैंक के पांच संचालक होगे मैदान से बाहर

बैकिंग कानून की परेशानी

* सहकार सम्राटो का सामंत वाद खतरे में
अमरावती/दि.18 – सहकारिता विभाग के माध्यम से बैकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम 2025 पर अमल शुरू हो गया हैं. इस अधिनियम केे कारण अमरावती जिला परिषद के शिक्षक सहकारी बैंक के वे शिक्षक जिन्होेंने 10 साल या उससे अधिक की सेवा पूरी कर ली हैं उन शिक्षक नेताओं को आगामी समय में मैदान के बाहर होना पडेगा.
जिला परिषद शिक्षक सहकारी बैंक के वर्तमान 21 में से 5 पदाधिकारी व संचालकों को इस कानुन का झटका लगनेवाला हैं. इसमें शिक्षक बैंक के वर्तमान अध्यक्ष गोकुलदास राउत, संचालक प्रफुल शेेंडे, कैलास कडू, अजयानंद पवार आर.एन. गावंडे का समावेश हैं.

* कानून का झटका नए कानून बैंकिंग नियमन अधिनियम 1994 और संशोधित अधिनियम 2025 की धारा 10-ए (2-ए) के मुताबिक किसी भी सहकारी बैंक के संचालक का पद लगातार 10 वर्षों से अधिक समय तक नहीं रह सकता हैं. राज्य सरकार ने 10 फरवरी को आरबीआई से अनुरोध किया था कि जिन संचालकों का 10 वर्षीय कार्यकाल 1 अगस्त 2025 को या उसके बाद पूरा हो चुका हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से अयोग्य घोषित कर दिया जाए और अब इस अनुरोध को मंजूरी दे दी गई हैं.
* आगामी वर्ष चुनाव
शिक्षक बैंक के चुनाव जून 2027 में होनेवाले हैं. बैंक के 21 संचालकों में से 16 वर्तमान में संचालक हैं. पांच संचालकों को पहले ही अपात्र घोषित किया जा चुका है. इस नए नियम के अनुसार वर्तमान अध्यक्ष गोकुलदास राउत, संचालक प्रफुल शेंडे, कैलास कडू, अजयानंद पवार, आर.एम. गावंडे ऐसे पांच संचालकों को चुनाव लढते नहीं आ सकेंंगे. कार्यरत संचालक में से सुरेंद्र मेटे, कैलास कडू, उमेश चुनकीकर, मो. नाजीम, सरिता काठोले यह सेवानिवृत्त होनेवाले हैं.

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