चालक और कंडक्टर की होगी अल्को टेस्ट

उसके बाद ही संभालेेंगे स्टेयरिंग

* यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
* ग्रीष्मकाल के सीजन में एसटी बोर्ड के आदेश
अमरावती / दि.18 – ड्यूटी पर शराब का सेवन रोकने के लिए एसटी प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं. यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नये नियम लागू किए गये हैं. जिसमें चालक के साथ कंडक्टर की भी ड्यूटी से पहले अल्को टेस्ट मशीन से जांच होगी. उसका रिकार्ड रखा जायेगा. दो माह पहले मुंबई के परल बस स्थानक पर रेस्ट हाउस में परिवहन मंत्री ने शराब की बोतलों का ढेर देखा. जिसके बाद उपाय योजना करने के निर्देश पालकमंत्री ने दिए.
* जांच के बाद ड्यूटी
वाहनों की ड्यूटी देने से पहले अल्को टेस्ट मशीन से जांच होगी. उसके बाद ही चालकों को ड्यूटी पर भेजा जायेगा. सभी डिपो प्रबंधकों को यह निर्देश एसटी निगम ने जारी कर दिए हैं. निगम का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा की चिंता इससे कम हो जायेगी. बस सेवा अधिक सुरक्षित और अनुशासित होगी. शराब सेवन को लेकर एसटी निगम ने कठोर रूप अपनाया है. केवल टेस्ट नहीं होगा तो बल्कि उसका रिकार्ड भी रखा जायेगा. यह अनिवार्य किया गया है. डेपो प्रमुख को खास निर्देश इस बारे में दिए गये हैं.
प्रत्येक आगार में ब्रिथ एनॉलाइजर
प्रत्येक डिपो में ब्रिथ एनॉलाइजर उपलब्ध करा दिया गया है. जिसके आधार पर चालक और कंडक्टर की टेस्ट होगी. उसी प्रकार प्रतिवर्ष ब्रिथ एनॉलाइजर भी अच्छी कंडीशन में है या नहीं, इसकी जांच होगी. एसटी का दक्षता विभाग कभी भी जांच अभियान शुरू कर देगा. जिसमें बीच राह जांच, यातायात निरीक्षण, प्रशिक्षण विभाग, सुरक्षा विभाग के माध्यम से छानबीन होगी. रोज अल्को टेस्ट करने के भी आदेश दिए गये हैं. उसका क्रियान्वयन कडा किया गया है. एसटी के रेस्ट हाउस की भी नियमित जांच होगी.
* क्या होगी कार्रवाई
शराबी कर्मचारियों को नोटिस भेजी जायेगी. स्पष्टीकरण मांगा जायेगा. खुलासा संतोषजनक न पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है. उसी प्रकार एसटी कंट्रोलर से भी जवाब तलब होगा. सूत्रों ने दावा किया कि नियंत्रण की जवाबदारी रहने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है.

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