समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों में बिना परवाना चल रही मेस!
अन्न व औषधी प्रशासन के निरीक्षण में सामने आई जानकारी

* भोजन से विषबाधा होने पर कौन रहेगा जिम्मेदार?
अमरावती /दि.19 – समाज कल्याण विभाग द्वारा जिले में पिछडावर्गीय विद्यार्थियों हेतु चलाए जानेवाले छात्रावासों में भोजन की आपूर्ति करनेवाले ठेकेदार ने अपनी मनमर्जी से उप ठेकेदार की नियुक्ति कर दी है. जिसके पास कोई आवश्यक अनुमति व परवाना नहीं है. साथ ही मेस में प्रयुक्त होनेवाली वस्तुओं की गुणवत्ता को लेकर भी कोई ध्यान नहीं रखा जाता. साथ ही साथ छात्रावासों की मेस की रसोई घर में हर ओर अस्वच्छता व गंदगी का दृश्य दिखाई देता है. यह जानकारी अन्न व औषधी प्रशासन के अधिकारियों द्वारा आकस्मिक किए गए निरीक्षण में उजागर हुई है. ऐसे में यह सवाल उपस्थित हो रहा है कि, इन छात्रावासों में यदि भोजन से विषबाधा होती है, तो इसकी जवाबदेही किस पर होगी.
बता दें कि, जिले में समाज कल्याण विभाग के कुल 21 छात्रावासों में भोजन आपूर्ति का काम ठेकेदार नियुक्त उप ठेकेदारों द्वारा किया जा रहा है. जिसमें से 8 छात्रावासों की जांच के दौरान अनाज एवं भोजन की गुणवत्ता बेहद निकृष्ठ रहने की बात सामने आई है. कुछ स्थानों पर अनाज का संग्रहण योग्य पद्धती नहीं किया गया है. साथ ही भोजन बनाने के स्थान पर साफ-सफाई का भी अभाव पाया गया.
अन्न प्रशासन के सहायक आयुक्त विनोद चव्हाण के मार्गदर्शन में अन्न निरीक्षक अदिती देशमुख, डॉ. विजय घोंगे, अनुराग चव्हाण व गजानन गोरे द्वारा यह निरीक्षण अभियान चलाया गया. जिसके बाद संबंधित आपूर्तिकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई.
* इन छात्रावासों में हुई जांच
अमरावती शहर के निंभोरा स्थित डॉ. बाबासाहब आंबेडकर छात्रावास क्र. 1, 2, 3, 4 व 5, संत गाडगेबाबा पिछडावर्गीय छात्रावास व चिरोडी (चांदुर रेलवे) स्थित सरकारी माध्यमिक छात्रावास ऐसे 8 छात्रावासों की अन्न निरीक्षकों के पथकों द्वारा जांच-पडताल की गई.
* पडताल में क्या पाया गया?
भोजन की आपूर्ति करनेवाले व्यक्ति के पास कोई अधिकृत अनुमति व परमीट नहीं है, भोजन तैयार करने वाली जगह पर कोई साफ-सफाई नहीं है, करारनामे में राईस ब्रैन ऑइल के प्रयोग का उल्लेख रहने के बावजूद सोयाबीन तेल का प्रयोग किया जा रहा है, ‘एगमार्क’ वस्तुओं का कहीं कोई अतापता नहीं था तथा खरीदी किए गए साहित्य का कोई बिल भी पेश नहीं किया गया है.
* प्रति विद्यार्थी 5300 से 5600 रुपयों का भुगतान
इस करार के अनुसार विद्यार्थियों को सुबह के नाश्ते में पोहा, उपमा व फल देने की बात कही गई है. साथ ही मांसाहारी विद्यार्थियों को दो उबले हुए अंडे देने का प्रावधान है. वहीं दोपहर एवं रात के भोजन में रोटी/भाकरी, दो सब्जी, दाल-चावल के साथ ही अचार, ककडी व गाजर देने की बात तय की गई है. इसके अलावा रसोई तैयार करने हेतु प्रशिक्षित व निरोगी कर्मचारियों की नियुक्ति करना अनिवार्य है.
* जिले में समाज कल्याण के 24 छात्रावास
जिले में समाज कल्याण विभाग के कुल 24 छात्रावास है. जिसमें से 13 छात्राओं एवं 11 छात्रों के लिए है. इसमें से अचलपुर, धारणी व तिवसा के छात्रावासों को छोडकर अन्य 21 छात्रावासों में भोजन आपूर्ति का ठेका स्मार्ट सर्विस प्रा. लि. नामक एजेंसी को दिया गया है. जिसने अलग-अलग छात्रावासों में भोजन आपूर्ति करने हेतु अपनी मर्जी के हिसाब से उप ठेकेदार नियुक्त किए है.
* विगत फरवरी माह में अमरावती शहर स्थित तीन छात्रावासों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए है. वहीं विगत सप्ताह के दौरान शहर में 7 तथा ग्रामीण क्षेत्र में 1 छात्रावास की जांच की गई. इस समय मेस चलानेवाले व्यक्ति के पास भोजन आपूर्ति से संबंधित परमीट व अनुमति नहीं पाई गई. साथ ही भोजन तैयार करनेवाले स्थान व प्रक्रिया में भी कई त्रुटियां पाई गई.
– गजानन गोरे
अन्न सुरक्षा अधिकारी.





