हिंदू विचारधारा के आधार पर ही बनेगा भविष्य का भारत
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बडा बयान

नागपुर/दि.19 – केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और भारत के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि भविष्य का भारत हिंदू विचारधारा, इतिहास और संस्कृति के आधार पर ही निर्मित होगा. यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा था, जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत भी उपस्थित थे.
इस अवसर पर राष्ट्रवाद और हिंदुत्व को लेकर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि भारतीय विचार ही राष्ट्रीयता का आधार है. राष्ट्रीयता और हिंदुत्व एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. देश के निर्माण में संस्कृति और परंपरा की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने संघ के संस्थापक घशीहर्रीं इरश्रळीरा कशवसशुरी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भारत को संगठित करने का विचार इसी चिंतन से किया था.
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री गडकरी ने सामाजिक सुधार पर भी जोर देते हुए कहा कि, केवल विचारधारा ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधारों की आवश्यकता भी है. साथ ही उन्होंने कहा कि, भारत को मजबूत बनाने के लिए जातीयता, अस्पृश्यता और सामाजिक विषमता खत्म करनी होगी. आर्थिक विकास और सामाजिक सुधार साथ-साथ जरूरी हैं. देश को वैश्विक शक्ति बनाने के लिए समावेशी दृष्टिकोण अपनाना होगा.
इस समय मीडिया और वैचारिक जागरूकता पर टिप्पणी करते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है. समाज में वैचारिक जागरूकता और शिक्षा जरूरी है. सही नागरिक निर्माण के बिना राष्ट्र निर्माण संभव नहीं. नागपुर में दिए गए इस भाषण में नितिन गडकरी ने हिंदुत्व आधारित राष्ट्रवाद के साथ सामाजिक सुधार और आर्थिक विकास को भारत के भविष्य की दिशा बताया. उनके बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सांस्कृतिक पहचान और विकास-दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की बात की जा रही है.





