मेलघाट के शिक्षक भर्ती मुद्दे पर हाईकोर्ट जाएंगी समिति
1 हजार पद रिक्त होने का दावा

* 25 प्रतिशत आदिवासियों की भर्ती किये जाने की मांग
चिखलदरा/दि.26 – मेलघाट में पेसा कायदा लागू होता है. जिसके अंतर्गत यहां किसी भी शासकीय नियुक्ति पर आदिवासियों का 100 प्रतिशत अधिकार है. उनकी नियुक्ति हेतु यह पेसा कायदा बनाये जाने के साथ बताया गया कि, पालघर के अनेक संगठन इसके विरोध में कोर्ट गये थे. उन्होंने ओबीसी और अन्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग न्यायालय में याचिका की थी. दो वर्षों से यह मामला चल रहा है. इस बीच शिक्षक समिति ने मेलघाट के शिक्षक भर्ती में 25 प्रतिशत पद आदिवासियों और 25 प्रतिशत अन्य को देने की मांग रखी है.
* कोर्ट में करेंगे अर्जी
शिक्षक कृति समिति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी की है. उनका कहना है कि, मेलघाट के युवा बेरोजगार कहां जाएंगे. यहां प्रत्येक समाज के व्यक्ति को स्थानीय नियुक्ति में प्राधान्य देने की मांग का हर कोई समर्थन कर रहे हैं. युवाओं ने हाईकोर्ट जाने की तैयारी करने की जानकारी मिली है.
* 17 नवंबर का वह आदेश
17 नवंबर 2025 को न्यायालय ने आदेश जारी किया था. जिसमें 100 प्रतिशत की बजाय आधी सीटें आदिवासियों के लिए रखे जाने का निर्णय दिया था. इसे अन्य वर्ग के लिए राहत माना जा रहा है. शिक्षकों की पदभर्ती की अनुमति सरकार ने दे दी है. 500 रिक्त पदों की भर्ती होने की स्थिति में 250 पद आदिवासियों के लिए और इतने ही अन्य प्रवर्ग के लिए रखने के आदेश दिये गये हैं. पिछले अनेक वर्षों से 11 महीने के ठेके पर शिक्षक काम कर रहे थे. इन 40 अध्यापकों की मांग है कि, उन्हें स्थानीय निवासी होने और अनुभव के आधार पर भर्ती में प्राथमिकता दी जानी चाहिए. संगठन और शिक्षक अपनी मांग के लिए यहां-वहां गुहार लगा रहे हैं. उन्होंने सीएम को पत्र लिखने के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वार खटखटाए है. अमरावती मंडल को प्राप्त संकेतों के अनुसार यह महत्वपूर्ण मुद्दा है. अन्य विभागों की भर्ती में भी इसी नियम का फार्मूला उपयोग में लाने की मांग मेलघाट के युवा कर रहे हैं.





