9 अगस्त को देश के खेती मंत्री के घर धडक

कर्जमाफी नहीं तो उतारेंगे कपडे

* बच्चू कडू की प्रदेश सरकार के मंत्रियों को चेतावनी
* अमरावती में कार्यकर्ता की रक्त और बीज तुला
* महादेव जानकर, विजय जावंधिया ने भी सरकार को कर्जमाफी हर हाल में करने कहा
अमरावती/दि.27 – प्रहार जनशक्ति पार्टी के सर्वेसर्वा तथा पूर्व मंत्री ओमप्रकाश उर्फ बच्चू कडू ने कर्जमाफी करने के लिए राज्य की महायुति सरकार का आभार तो व्यक्त किया. किंतु यह भी कहा कि, घोषणा के अनुसार 30 जून से पूर्व कर्जमाफी नहीं हुई, तो राज्य में मंत्रियों का फिरना बंद कर देंगे. मंत्रियों के कपडे उतारने की चेतावनी आक्रमक नेता बच्चू कडू ने दे डाली. वे आज दोपहर सांस्कृतिक भवन में एक दिवसीय सांकेतिक भूक हडताल करते हुए आयोजित आंदोलन के कार्यकर्ताओं के सत्कार समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि, अब न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी का संघर्ष करेंगे. इसके वास्ते क्रांति दिवस अर्थात 9 अगस्त को देश के कृषि मंत्री के दिल्ली स्थित निवास पर प्रहार धमकेगा.                                                                                                                               मंच पर पूर्व मंत्री महादेव जानकर, किसान नेता विजय जावंधिया, पूर्व विधायक वामनराव चटप, पूर्व नगराध्यक्ष रहमान भाई, संतोष किटूकले, सुरेश गणेशकर, प्रदीप बंड, संजय देशमुख, मंगेश देशमुख, बल्लू जवंजाल, छोटू महाराज वसु, बंटी रामटेके, दीपक घोंघाटे, निखिल ठाकरे, आशीष बंड, ऋषि पोहोकर और अन्य नेता कार्यकर्ता मौजूद थे. बच्चू कडू ने कर्जमाफी के लिए आंदोलन में साथ देने वाले प्रत्येक कार्यकर्ता के प्रति भी आभार व्यक्त किया और अनेक का मोमेंटो देकर सत्कार किया. सैकडो मोमेंटो इस समय वितरीत किये गये.
* 117, सरकार को खतरा
बच्चू कडू ने आज एक दिवसीय सांकेतिक भूख हडताल करते हुए कार्यक्रम का प्रारंभ स्वयं रक्तदान कर किया. उनके साथ लगभग 70-80 कार्यकर्ताओं ने स्वयंस्फूर्ति से रक्तदान किया. कडू ने समारोह को संबोधन के समय कहा कि, आज उनका एक सौ सतरा वीं बार रक्तदान है. 117 यानि सरकार को खतरा. यह कहते ही सदन तालियों से गूंज उठा. कडू ने परभनी के कार्यकर्ता सूर्यभान ढगे की खूब प्रशंसा करते हुए उनकी रक्ततुला उपस्थित सैकडों, किसानों, दिव्यांगजनों, प्रहारियों की जोरदार तालियों के बीच की. उसी प्रकार आक्रमक कार्यकर्ता संजय गोमकाले की बीज तुला की गई. बेलोरा के कवि, लेखक नितिन देशमुख का भी सत्कार कर बच्चू कडू ने कहा कि, देशमुख की कलम से उनके आंदोलनों को धार मिली. संचालन जनार्दन गोवर्धन ने किया.
पूर्व मंत्री महादेव जानकर ने कहा कि, किसानों की एकजूटता के कारण सरकार को झुकना पडा है. दो लाख की कर्जमाफी घोषित हुई है. हमें कर्जमाफी नहीं तो कर्ज चुकाने की शक्ति चाहिए. जानकर ने कहा कि, अभी पूर्ण विजय नहीं हुई है. 80 प्रतिशत ही सफलता मिली है. नागपुर आंदोलन के समय अनेक आरोप प्रत्यारोप हुए. किंतु एक भी किसान डिगा नहीं.
विजय जावंधिया ने बच्चू कडू के आंदोलन के कारण कर्जमाफी की महायुति सरकार को घोषणा करने बाध्य होने की बात कही. जावंधियां ने आरोप लगाया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता से पहले अलग थे. अब अलग हो गये हैं. नरेंद्र मोदी ने स्वामिनाथन आयोग की सभी सिफारिशें मान्य करने का वादा किया था. अब कोई वादा पूरा नहीं किया. किसानों को आज भी घोषित समर्थन मूल्य अपनी फसलों का नहीं मिल पाने का आरोप जावंधिया ने किया.
कार्यक्रम में संजय देशमुख, नीलेश पानसे, गोलू पाटिल, नीलेश ठाकुर, कुणाल खंडारे, विक्रम जाधव, समर्थ डवरे, राहुल ठाकरे, धीरज पिंजरकर, कविता भुसुम, अक्षय भालेराव, नीलेश वाटाणे, राजेश कडू सहित अनेकानेक प्रहारियों की जोशीली उपस्थिति रही. सभागार खचाखच भर गया था. बालकनी भी फुल हो गई थी. समाचार लिखे जाने तक दर्जनों कार्यकर्ताओं ने रक्तदान किया. जय जवान जय किसान के नारे से सदन बार-बार गूंज उठा था. गाडगे बाबा रक्तपेढी के डॉ. अनिल कविमंडल, राजश्री पाटिल, विकास खंडार, ऋषि राउत, रिता गादे, श्रावणी देव्हारे ने रक्त संकलन में सहकार्य किया.

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