बांबू से रोजगार और लाखों रुपयों की आय
राहू ग्रामसभा का उपक्रम साबित हो रहा आदर्श

चिखलदरा/दि.1– अमुमन ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार को स्थायी तौर पर गंभीर समस्या माना जाता है, परंतु चिखलदरा तहसील अंतर्गत राहू गांव की ग्रामसभा ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का योग्य तरीके से प्रयोग करते हुए रोजगार निर्मिती का आदर्श स्थापित किया है. जिससे गांव के युवाओं को बडे पैमाने पर रोजगार मिल रहा है. साथ ही साथ ग्रामसभा को लाखों रुपयों की आय भी हो रही है.
बता दें कि, राहू गांव के परिसर में बडे पैमाने पर बांबू उपलब्ध होता है. जिसकी ओर पहले कोई ध्यान नहीं दिया जाता था. परंतु ग्रामसभा ने इसी बांबू का नियोजनबद्ध तरीके से प्रयोग करने के बारे में सोचा, जिसके बाद रोजगार निर्मिती का एक नया रास्ता खुल गया. ग्रामसभा की देखरेख के तहत बांबू की कटाई की जाती है. जिसके जरिए गांव के अनेकों महिलाओं व पुरुषों को काम मिलता है. पश्चात ग्रामसभा के जरिए बांबू की नीलामी प्रक्रिया की जाती है और इस नीलामी के जरिए ग्राम पंचायत को बडे पैमाने पर राजस्व प्राप्त होता है, जो गांव के विकास के लिए ही प्रयोग में लाया जाता है, जिससे गांव में मूलभूत सुविधाओं को सुधारने में काफी सहायता होती है.
विशेष उल्लेखनीय है कि, इस उपक्रम के जरिए गांव में रहनेवाले बेरोजगारों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिलने के चलते रोजगार के लिए होनेवाला स्थलांतरण काफी कम हो गया है. खास बात यह भी है कि, इस प्रक्रिया में महिलाएं भी सक्रिय सहभाग ले रही है. जिसके चलते उन्हें अच्छा-खासा आर्थिक आधार मिल रहा है. ऐसे में गांववासियों के मुताबिक उनके गांव के आसपास उगनेवाला बांबू अब उनके लिए हरा सोना साबित हो रहा है. ऐसे में ग्रामसभा के इस उपक्रम का हर स्तर पर कौतुक हो रहा है तथा अन्य गांवों से भी इस मॉडेल का अध्ययन करते हुए ऐसे प्रयास पर अमल करने की अपेक्षा व्यक्त की जा रही है.





