साहित्य आंदोलन के लिए भव्य साहित्य भवन का निर्माण करेंगे

पूर्व राज्यमंत्री प्रवीण पोटे पाटिल की घोषणा

* मातोश्री स्व. सूर्यकांता देवी पोटे पाटिल स्मृति पुरस्कार समारोह
* झाडीबोली महर्षि डॉ. हरीशचंद्र बोरकर को साहित्यव्रती पुरस्कार से किया सम्मानित
अमरावती/दि.1– समाज के वंचित व्यक्तियों पर लिखनेवालों की भूमिका सर्वसामान्यजनों तक पहुंचनी चाहिए और ऐसे लेखक साहित्यकारों का सम्मान होना चाहिए. इस उद्देश्य से यह पुरस्कार योजना शुरू की गई है तथा भविष्य में साहित्य आंदोलन अधिक बढे, इसलिए हमारे माता- पिता की स्मृति में भव्य साहित्य भवन निर्माण करेंगे. ऐसी घोषणा पूर्व राज्यमंत्री प्रवीण पोटे पाटिल ने की. वे स्व. सूर्यकांतादेवी रामचंद्र पोटे चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित मातोश्री सूर्यकांतादेवी रामचंद्र पोटे राज्यस्तरीय उत्कृष्ट वाड्मय पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे.
पीआर पोटे पाटिल अभियांत्रिकी महाविद्यालय के सभागृह में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता पीआर पोटे पाटिल ग्रुप ऑफ एज्युकेशन इन्स्टीट्यूट के संचालक डॉ. पी.एन. खोडके ने की तथा प्रमुख अतिथि के रूप में प्रसिध्द समीक्षक डॉ. मनोज तायडे, संस्था सचिव श्रेयस पोटे उपस्थित थे. इस समारोह में झाडीबोली महर्षि ज्येष्ठ साहित्यकार डॉ. हरीशचंद्र बोरकर को साल 2025 का साहित्यव्रती पुरस्कार प्रदान किया गया व शाल श्रीफल, सम्मानपत्र एवं 11 हजार रूपए नकद देकर सम्मानित किया गया. वहीं रश्मी पदवाड मदनकर नागपुर को कायांतर उपन्यास के लिए उत्कृष्ट तथा संग्रह पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
क्षितिजा देसाई ठाणे को शीतपेटीतुन जेव्हा जाग येते नामक कथा संग्रह के लिए, रत्नागिरी की कविता मोरवनकर को उद्याच्या दहशतगर्द आधार नामक कविता संग्रह के लिए तथा गडचिरोली के प्रभुराज गडकर को येथे आमचाही श्वास कोंडतो नामक काव्य संग्रह के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया. उसी प्रकार सोलापुर के डॉ. शिवाजी शिंदे को समीक्षा ग्रंथ निवडक मित्र आत्मकथने सामाजिक तत्व आणि स्वत्व के लिए समीक्षा ग्रंथ पुरस्कार तथा उत्कृष्ट संपादन के लिए अक्षय आदंण (शिवा राउत की कविता) इस ग्रंथ के लिए संपादक बबन नाफले और अरूण मानकर को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया.
वही बाल वाड्मय श्रेणी में नई मुंबई के मोहन काले को चला पुन्हा शाळेत जाउया इस बाल काव्य संग्रह के लिए पुरस्कृत किया गया. 3 हजार रूपए नकद शाल श्रीफल तथा स्मृतिचिन्ह ऐसा इन प्रत्येक पुरस्कारों का स्वरूप था. शिरजगांव के युवा कवि नितिन परहाड को उभरती प्रतिभा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस समारोह में अमरावती जिले के लगातार लेखन करनेवाले 35 साहित्यकारों का शाल श्रीफल, स्मृतिचिन्ह व प्रमाणपपत्र देकर सम्मान किया गया. पुरस्कार वितरण समारोह के प्रमुख अतिथि डॉ. मनोज तायडे ने इस पुरस्कार योजना का सम्मान करने के साथ ही प्रवीण पोटे ने सांस्कृतिक आंदोलन के पीछे अपना दृढ नेतृत्व बनाए रखने के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया.
डॉ. पी.एन. खोडके ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में पुरस्कार प्राप्त साहित्यकारों का अभिनंदन किया. पुरस्कार वितरण समिति प्रमुख संयोजक डॉ. शोभा रोकडे का विदर्भ साहित्स संघ की कार्यकारिणी में चयन पर ट्रस्ट की ओर से उनका सत्कार किया गया. समारोह में पुरस्कार चयन समिति के परीक्षक विशाल मोहोड, खुशाल गुल्हाने, नीता कचवे, किशोर जहार्ड, दीपक दारव्हेकर व आयोजन समिति के सदस्याेंं का अतिथियाेंं के हस्ते सत्कार किया गया. आयोजन समिति की संयोजिका प्राचार्य डॉ. शोभा रोकडे ने प्रस्तावना रखी तथा संदीप देशमुख ने हरीशचंद्र बोरकर को दिए गये मानपत्र का पठन किया. डॉ. शोभा रोकडे, डॉ. कुमार बोबडे, डॉ.अनुप्रिता देशमुख, विशाल मोहोड, डॉ. पंकज वानखडे, डॉ. नंदा नांदुरकर ने अतिथियों का सत्कार किया. कार्यक्रम का संचालन प्राजक्ता राउत ने किया व आभार अनुप्रिया देशमुख ने माना.

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