कभी चिखलदरा में भी था गोल्फ मैदान

ब्रिटिश दौर की अनोखी विरासत आई सामने

* प्रा. डॉ. वी. टी. इंगोले ने सामने लाई जानकारी
अमरावती/दि.1 – विदर्भ के प्रसिद्ध हिल स्टेशन चिखलदरा से जुड़ा एक रोचक और कम ज्ञात इतिहास सामने आया है. ब्रिटिश काल में यहां गोल्फ खेला जाता था और इसके लिए एक विस्तृत मैदान भी मौजूद था, जिसकी जानकारी अब ऐतिहासिक दस्तावेजों से सामने आई है. जिसे अमरावती के ख्यातनाम शिक्षाविद व संशोधक प्रा. डॉ. वी. टी. इंगोले द्वारा ब्रिटिश लाईब्रेरी में उपलब्ध ऐतिहासिक संदर्भों का अध्ययन करते हुए सामने लाया गया है.
जानकारी के अनुसार, 1911 में प्रकाशित ‘सेंट्रल प्रोविंसेस डिस्ट्रिक्ट गजेटियर’ में चिखलदरा में गोल्फ और टेनिस जैसे खेलों का उल्लेख मिलता है. साथ ही पता चलता है कि, चिखलदरा में बीर तालाब के पास स्थित विस्तीर्ण पठार पर अंग्रेजों द्वारा गोल्फ खेला जाता था.
ज्ञात रहे कि, उस समय ब्रिटिश अधिकारी यहां के ठंडे और सुहावने मौसम का आनंद लेने के लिए आते थे और मनोरंजन के तौर पर गोल्फ खेलते थे. बताया जाता है कि यह गोल्फ मैदान एक विस्तृत पठार पर स्थित था, जो आज भी ‘बीर तलाव’ के आसपास के क्षेत्र में देखा जा सकता है. ब्रिटिश अधिकारियों ने प्राकृतिक समतल जमीन का उपयोग खेल के लिए किया, हालांकि यहां किसी औपचारिक गोल्फ क्लब की स्थापना का रिकॉर्ड नहीं मिलता. लेकिन दस्तावेजों से पता चलता है कि, सरकार बाग में टेनीस के दो मैदान हुआ करते थे. वहीं नीचे पठार पर गोल्फ का मैदान हुआ करता था. टेनीस कोर्ट के बगल में ही लकडी की जालियों वाला एक समर हाउस है, जिसका प्रयोग पूरे सप्ताह के दौरान विश्राम हेतु पैवेलियन के तौर पर तथा रविवार को चर्च के तौर पर किया जाता था.
हालांकि आज चिखलदरा में इस गोल्फ मैदान के कोई स्पष्ट अवशेष दिखाई नहीं देते, लेकिन भूभाग और ऐतिहासिक संदर्भ इस बात की पुष्टि करते हैं कि चिखलदरा केवल प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि औपनिवेशिक इतिहास की भी महत्वपूर्ण विरासत समेटे हुए है. गौरतलब है कि चिखलदरा विदर्भ का एकमात्र हिल स्टेशन है, जिसे ब्रिटिश अधिकारियों ने 19 वीं सदी में खोजा और विकसित किया था. यहां की जलवायु और हरियाली उन्हें इंग्लैंड की याद दिलाती थी, इसी कारण यह स्थान उनके लिए पसंदीदा विश्राम स्थल बन गया था. पर्यटन की दृष्टि से अहम इतिहासकारों का मानना है कि इस तरह के ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित और विकसित किया जाए, तो चिखलदरा का पर्यटन और भी समृद्ध हो सकता है.
कुल मिलाकर, चिखलदरा का यह ‘खोया हुआ गोल्फ मैदान’ अब केवल इतिहास और यादों में ही जीवित है, लेकिन यह क्षेत्र की समृद्ध विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

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