सुनेत्रा पवार की जान खतरे में!

गुमनाम पत्र से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल

बीड /दि.9- बीड जिले की राजनीति में एक गुमनाम पत्र के कारण बड़ी हलचल मच गई है, जिसमें उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के जीवन और प्रतिष्ठा को प्रज्ञा खोसरे से खतरा होने का दावा किया गया है. इस पत्र में लगाए गए गंभीर आरोपों पर प्रज्ञा खोसरे ने आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी दी है.
बीड जिले के राजनीतिक हलकों में इस समय एक गुमनाम पत्र के कारण भारी हलचल मची हुई है. इस पत्र में दावा किया गया है कि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के जीवन और प्रतिष्ठा को खतरा है. राष्ट्रवादी कांग्रेस अजित पवार गुट की बीड जिला अध्यक्ष प्रज्ञा खोसरे को भोंदू बाबा अशोक खरात का सहयोगी बताया गया है और कहा गया है कि उनसे सुनेत्रा पवार को खतरा है. यह पत्र इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसके बाद प्रज्ञा खोसरे ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए आक्रामक रुख अपनाया है और संबंधित लोगों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी है.
* पत्र में आखिर क्या?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र में प्रज्ञा खोसरे पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इसमें कहा गया है कि वह भोंदू बाबा अशोक खरात की प्रतिनिधि के रूप में काम करती हैं और महिलाओं को उनके पास ले जाने का काम करती हैं. पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रज्ञा खोसरे ने अपने भाई की पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया था, जिसके संबंध में 2009 में बीड के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई थी. इसके अलावा, उन पर 4-5 बार लिंग जांच कराकर गर्भपात कराने और अन्य महिलाओं को भी पुत्र प्राप्ति या लिंग जांच के लिए अलग-अलग डॉक्टरों के पास ले जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है. यह भी कहा गया है कि प्रज्ञा खोसरे ने रूपाली चाकणकर के माध्यम से गलत जानकारी देकर बीड जिला राष्ट्रवादी महिला अध्यक्ष पद हासिल किया. पत्र में दावा किया गया है कि उनकी इस विवादित पृष्ठभूमि के कारण राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के जीवन और सामाजिक प्रतिष्ठा को खतरा है, इसलिए उन्हें तुरंत सभी पदों से हटाया जाना चाहिए.
* प्रज्ञा खोसरे का जवाब
इन आरोपों के बाद प्रज्ञा खोसरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के केवल गुमनाम पत्र वायरल कर उनकी बदनामी की जा रही है. उन्होंने अशोक खरात की निंदा करते हुए कहा कि उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर निम्न स्तर की आलोचना कर रहे हैं. दादा के जाने के बाद हम सुनेत्रा वहिनी को अपना सब कुछ मानते हैं. उनके निर्देश और पार्टी प्रोटोकॉल के अनुसार हम जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं. ऐसे में उनसे खतरा होने का आरोप लगाना हास्यास्पद है, ऐसा उन्होंने कहा.

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