अमरावती यौन शोषण मामले के पीछे बड़ा ‘रैकेट’

सांसद डॉ. बोंडे ने एसआईटी जांच की मांग की

अमरावती/दि.15 – जिले के परतवाड़ा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 19 साल के युवक ने कई नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाया, उनका यौन शोषण किया और उनके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर दीं. इस मामले में एक बड़ा गैंग काम कर रहा है और उन्हें ढूंढने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई जानी चाहिए, इगझ चझ डॉ. अनिल बोंडे ने मांग की है.
* फोन कॉल्स की जांच होनी चाहिए
डॉ. अनिल बोंडे ने कहा, हालांकि परतवाड़ा पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, लेकिन यह काम किसी एक लड़के का नहीं है. मैंने खुद पुलिस को दो नाम बताए हैं. लेकिन यह एक बड़ा गैंग है. उन्होंने स्नैपचैट और व्हाट्सएप के जरिए अलग-अलग ग्रुप बनाकर यह जाल बुना है. यह रैकेट बहुत गहराई तक फैला हुआ है, और इसमें शामिल बच्चों के मोबाइल फोन ज़ब्त करना और उनके फोन कॉल्स की पूरी जांच करना ज़रूरी है.
* होटलों के सीसीटीवी फुटेज चेक करें
यह कहते हुए कि पिछले छह महीनों में पार्थवाड़ा और चिखलदरा के होटलों के सीसीटीवी फुटेज चेक करने से इस रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है, डॉ. बोंडे ने पुलिस से तुरंत कदम उठाने की अपील की है. उन्होंने यह भी साफ़ किया कि इन पीड़ित लड़कियों में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की लड़कियां शामिल हैं.
* ‘एसआईटी’ बनाने की मांग
डॉ. बोंडे ने इस मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाने की मांग की है क्योंकि यह तकनीकी रूप से जटिल और संवेदनशील है. इस बीच, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी और अचलपुर विधायक प्रवीण तायडे ने परतवाड़ा में पुलिस निरीक्षकों से मुलाकात की.
* संदिग्धों के राजनीतिक कनेक्शन
आरोपियों के अलावा, इस रैकेट में दस से बारह और लोग शामिल हैं और पुलिस को उन्हें भी तुरंत ढूंढना चाहिए. इन संदिग्ध आरोपियों में से कुछ के राजनीतिक नेताओं से कनेक्शन हैं. पुलिस को उनकी जांच करनी चाहिए. हमने पुलिस इंस्पेक्टर से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की रिक्वेस्ट की, जिसने सौ से ज़्यादा लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद कर दी है. हम कुछ पीड़ित परिवारों से मिले. हमने पीड़ित लड़कियों को मनाया कि उन्हें बिना किसी मेंटल प्रेशर के पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि उनके साथ हुए अन्याय को सामने लाया जा सके, शिवराय कुलकर्णी ने बताया.

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