मनपा की 63 शालओं में प्रवेशित है 13,493 विद्यार्थी

6732 छात्रों व 6761 छात्राओं का समावेश

* 373 शिक्षकों द्वारा कराई जाती है पढाई-लिखाई
* मनपा ने सभी शालाओं में भौतिक सुविधाएं उपलब्ध रहने का किया दावा
* कुछ शालाओं में देखभाल व दुरुस्ती की जरुरत को भी स्वीकारा
अमरावती/दि.21 – इस समय जहां एक ओर प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा काफी चमक-दमक भरी हो गई है और हर कोई अपने बच्चों को नामांकित शालाओं में पढाने-लिखाने की चाहत रखता है. ताकि उनके बच्चे आरादायक और सुविधापूर्ण वातावरण में अपनी पढाई-लिखाई कर सके. वहीं आर्थिक रुप से कमजोर एवं सर्वहारा वर्ग से वास्ता रखनेवाले अभिभावकों द्वारा अपने बच्चों को आज भी महानगर पालिका द्वारा संचालित की जानेवाली सरकारी स्कूलों में ही पढने के लिए भेजा जाता है. जिनके बारे में आम धारणा है कि, उन स्कूलों में पढाई-लिखाई की स्थिति बहुत अच्छी नहीं रहती. साथ ही बच्चों के लिए मूलभूत शैक्षणिक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं रहती. जिसके चलते मनपा शालाओं में पढनेवाले छात्र-छात्राओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है. परंतु गत रोज हुई मनपा की आमसभा में पूछे गए सवाल के जवाब के जरिए जो जानकारी निकलकर सामने आई है, वह इस धारणा से बिल्कुल विपरित है. इस जानकारी के मुताबिक अमरावती मनपा क्षेत्र में मनपा द्वारा संचालि कुल 63 शालाओं में 13 हजार 493 छात्र-छात्राएं प्रवेशित है. जिनमें 6 हजार 732 छात्रों एव 6 हजार 761 छात्राओं का समावेश है. जिन्हें पढाने हेतु 373 शिक्षक भी नियुक्त है. साथ ही मनपा की लगभग सभी शालाओं में मूलभूत भौतिक व शैक्षणिक सुविधाएं भी उपलब्ध है तथा जिन शालाओं में देखभाल व दुरुस्ती के काम किए जाने की जरुरत है, वहां पर उन कामों को पूरा भी किया जा रहा है.
बता दें कि, गत रोज हुई मनपा की आमसभा में पार्षद पूजा अग्रवाल द्वारा मनपा की शालाओं की स्थिति और वहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में सवाल उपस्थित किया गया था. जिस पर जवाब देते हुए मनपा के शिक्षा व क्रीडा विभाग द्वारा बताया गया कि, अमरावती मनपा क्षेत्र अंतर्गत मराठी माध्यम वाली 34, हिंदी माध्यम वाली 12 तथा उर्दू माध्यम वाली 17 ऐसी कुल 63 शालाएं कार्यरत है. जिसमें से जोन क्रमांक 1 अंतर्गत 6 मराठी व 3 हिंदी ऐसी कुल 9 शालाएं, जोन क्रमांक 2 अंतर्गत 7 मराठी व 3 हिंदी ऐसी कुल 10 शालाएं, जोन क्रमांक 3 अंतर्गत 8 मराठी, 2 हिंदी व 3 उर्दू ऐसी कुल 13 शालाएं, जोन क्रमांक 4 अंतर्गत 8 मराठी व 4 उर्दू ऐसी कुल 12 शालाएं, जोन क्रमांक 5 अंतर्गत 5 मराठी, 4 हिंदी व 10 उर्दू ऐसी कुल 19 शालाएं मनपा द्वारा संचालित की जाती है. इन सभी शालाओं में अध्यापन हेतु 373 शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की नियुक्ति की गई है. साथ ही इन सभी शालाओं में कुल 13 हजार 493 विद्यार्थी प्रवेशित है. जिनमें 6 हजार 732 छात्रों तथा 6 हजार 761 छात्राओं का समावेश है. इन सभी शालाओं में अलग-अलग कक्षाओं हेतु स्वतंत्र कमरों की व्यवस्था करने के साथ ही छात्र-छात्राओं हेतु स्वतंत्र शौचालय व स्वच्छता गृह की व्यवस्था भी है. साथ ही इन सभी शालाओं में सुरक्षा की लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाते हुए वॉटर कूलर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. इसके अलावा सभी शालाओं में डिजिटल क्लासरुम सहित क्रीडा साहित्य एवं सायंस व कम्प्युटर लैब उपलब्ध कराने का काम भी किया जा रहा है.
इस विषय पर जानकारी देते हुए मनपा के शिक्षा विभाग द्वारा बताया गया कि, वर्ष 2025-26 में लेखाशिर्ष 241 ‘शाला दुरुस्ती व देखभाल’ के अंतर्गत 4 करोड रुपए का बजट मंजूर किया गया था. जिसमें से 3 करोड 86 लाख 33 हजार 112 रुपए की निधि खर्च की गई है. साथ ही जिनके जरिए सभी शालाओं में सुसज्जित कक्षाओं का निर्माण करने के साथ ही वहां पर विद्यार्थियों हेतु सभी आवश्यक मूलभूत भौतिक एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है, ऐसी जानकारी भी मनपा के शिक्षा विभाग द्वारा दी गई है.

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