रालेगांव मानव तस्करी मामला
भाजपा के आरोपों के बाद हिंसक प्रदर्शन

* पुलिस ने दावों को किया खारिज
यवतमाल/दि. 21- यवतमाल जिले के रालेगांव में 34 आदिवासी लड़कियों के गायब होने और इसे मानव तस्करी या ’लव जिहाद’ से जोड़ने के कथित आरोपों ने पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है. भाजपा जिला अध्यक्ष एडवोकेट प्रफुल्ल चौहाण द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों के बाद सोमवार को रालेगाव बंद को हिंसक मोड़ मिल गया.
बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बस स्टैंड चौराहे पर टायर जलाकर विरोध जताया और मुख्य संदिग्ध मजहर कुरेशी के घर पर जमकर पथराव किया. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा. वहीं, प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध कुरेशी के अतिक्रमण वाले दुकान को बुलडोजर से ढहा दिया. हालांकि कुरेशी के खिलाफ पुलिस ने पहले ही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की हुई है, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद इलाके में आक्रोश बना हुआ है.
राजनीतिक गलियारों में इस पूरे मामले को आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके को घेरने की एक राजनीतिक साजिश के रूप में देखा जा रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंत्री डॉ. उईके ने रालेेगाव पहुंचकर भाजपा जिला अध्यक्ष के साथ लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है.
दूसरी ओर, पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता ने भाजपा द्वारा किए गए 34 लड़कियों के गायब होने के दावों को पूरी तरह निराधार बताया है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में दर्ज लापता होने या अपहरण के अधिकांश मामलों का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में 22, 2024 में 25, 2025 में 27 और 2026 के शुरुआती चार महीनों में 12 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से अधिकांश मामलों को सुलझा लिया गया है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि उनके रिकॉर्ड में ऐसी 34 लड़कियों के लापता होने की कोई भी सामूहिक शिकायत दर्ज नहीं है.





