गर्मी में इडली-डोसा बैटर से फूड पॉइजनिंग का खतरा

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण की चेतावनी

मुंबई/दि.21- गर्मी के मौसम में इडली-डोसा जैसे खमीरयुक्त खाद्य पदार्थों को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने अहम चेतावनी जारी की है. बढ़ते तापमान में बैटर के जल्दी खराब होने और फूड पॉइजनिंग के मामलों में वृद्धि की आशंका जताई गई है.
* गर्मी में क्यों बढ़ता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, इडली-डोसा का बैटर किण्वन (फर्मेंटेशन) प्रक्रिया से तैयार होता है. गर्मी और नमी अधिक होने पर यह प्रक्रिया तेजी से होती है, जिससे बैटर अधिक खट्टा होकर खराब हो सकता है और उसमें हानिकारक जीवाणु पनपने लगते हैं. ऐसे बैटर के सेवन से उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
* हाल के मामलों से बढ़ी चिंता
हाल ही में कुछ स्थानों पर इडली-वड़ा जैसे खाद्य पदार्थ खाने के बाद लोगों के बीमार पड़ने की घटनाएं सामने आई हैं. इसके बाद खाद्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
* क्या सावधानियां रखें
एफएसएसएआई ने लोगों को निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की सलाह दी है कि, बैटर को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न रखें. किण्वन की अवधि पर ध्यान दें. तैयार बैटर को तुरंत रेफ्रिजरेटर में रखें. साफ-सुथरे बर्तन और स्वच्छ पानी का उपयोग करें. अधिक खट्टा या बदबूदार बैटर इस्तेमाल न करें. पैक्ड बैटर भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं. बाजार में मिलने वाला पैक्ड बैटर भी यदि सही तापमान पर संग्रहित नहीं किया गया, तो वह जल्दी खराब हो सकता है. ऐसे में उपभोक्ताओं को खरीदते समय ताजगी और भंडारण की स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
* विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि ताजा बैटर का ही उपयोग करें और दो दिन से अधिक पुराना बैटर खाने से बचें. साथ ही भोजन को अच्छी तरह पकाकर ही सेवन करें. इडली-डोसा जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थ सामान्यतः सुरक्षित होते हैं, लेकिन गर्मी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है. ऐसे में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है.

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