अमरावती में मूल्यांकन कछुआ गति से, रिझल्ट में होगी देरी
46 हजार शालाओं का मूल्यांकन प्रलंबित

* अध्यापकों को बीएलओ की ड्यूटी
* परचों के जांच का भी तान
अमरावती/दि.21-शालाओं में एक्झाम निपट गए. सरकारी और अर्धसरकारी स्कूलों में गर्मीयों के अवकाश शुरू हो गए. किंतु परीक्षा के नतीजो में विलंब की आशंका बताई जा रही हैं. अमरावती जिले में परचो की जांच अर्थात मूल्यांकन का काम कछुआ गति से चलने की जानकारी राज्यस्तर पर किए गए अवलोकन में दी गई हैं. अनेक जिलो में यही हाल होने का दावा कर बताया गया कि पेपर का मूल्यांकन काफी धीमी गति से हो रहा हैं. वहीं नागपुर सहित कुछ ही जिले हैं. जहां काम रफ्तार से हो रहा हैं. इसके कारण परीक्षा परिणाम देरी से आने की संभावना बताई जा रही हैं.
यह बताया कारण
मूल्यांकन का काम धीमा होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. उसमें प्रमुख वजह अध्यापकों को जनगणना के और एसआईआर के काम में लगाना हैं. आगामी 24 अप्रैल तक अध्यापकों को बीएलओ की ड्यूटी करना हैं. उसी प्रकार काफी अध्यापकों को कक्षा 10 वीं के परचो की भी जांच करनी हैं.
मूल्यांकन में धीमे जिले
– अमरावती, यवतमाल, वाशिम, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, मुंबई उपनगर, सिधुदुर्ग, रायगड, धुले, ठाणे.
मध्यम गति के जिले
संभाजी नगर, सांगली, हिंगोली, बुलढाणा, परभणी, पालघर, जलगांव, जालना.
अत्यंत धीमे जिले
– अकोला, नांदेड, पुुणे, नाशिक, गढचिरोली, चंद्रपुर, अहिल्या नगर, सातारा, कोल्हापुर, रत्नागिरी, धाराशिव.
क्या कहते हैं अधिकारी
राज्य शैक्षणिक परिषद की सहसंचालिका कमला देवी आवटे ने कहां कि शालाओं की शैक्षणिक और भौतिक गुणवत्ता की गणना होती हैं. विद्यार्थी, अध्यापक, सुविधा सुधार परिलक्षित होता हैं. इन कामों के लिए शालाओं को आगामी एक मई तक अवधी दी गई हैं.





