कैदी को मिलकर बनी ड्रग्स सप्लायर
पुणे-मुंबई समेत संपूर्ण राज्य में पार्टी ड्रग्स की आपूर्ति?

मुंबई/दि.21– कारागृह में कैद पार्टनर को मिलने के लिए जाते समय ड्रग्स तस्कर इरफान से पहचान हुई. बाद में इसी पहचान के चलते बार गर्ल रही अश्विनी पॉल सीधे ड्रग्स सप्लायर बनने की जानकारी सामने आ रही है.
इस महिला ड्रग्स तस्कर के घर से जब्त की गई 5 हजार 30 गोलियों के पीछे बडा रैकेट कार्यरत रहने की जानकारी क्राईम ब्रांच को मिली है. इसके मुताबिक जांच जारी है. पॉल ने मुंबई महानगर समेत राज्य में मांग के मुताबिक पार्टी ड्रग्स की आपूर्ति की रहने का संदेह पुलिस को है. मूल पुणे निवासी अश्विनी दसवीं फेल है. 2012 से नौकरी की तलाश में वह मुंबई पहुंची और बार गर्ल के रुप में काम करने लगी. नौकरी की तलाश में आई पॉल यह नवी मुंबई, कल्याण परिसर में रहने लगी थी. हाल ही में वह टीटवाला के पदमावती कॉम्प्लेक्स में रहती थी. मादक पदार्थ विरोधी विभाग ने साकीनाका में कार्रवाई करते हुए इरफान अंसारी को 200 एक्स्टैसी गोली समेत गिरफ्तार किया था. इसी अंसारी से पॉल की पहचान कारागृह में अपने पार्टनर को मिलने जाते समय हुई थी. इसी पहचान का फायदा उठाते हुए अंसारी ने उसे ज्यादा कमाई का प्रलोभन देकर ड्रग्स आपूर्ति गिरोह में शामिल कर लिया. पश्चात पॉल ने मुंबई समेत ठाणे, नवी मुंबई, पालघर, मीरा रोड और राज्य के अन्य इलाको में पार्टी ड्रग्स की आपूर्ति की रहने का संदेह है. इस प्रकरण में बडा अंतर जिला रैकेट कार्यरत है.
* 1500 से दो हजार में बिक्री
सूत्रों के मुताबिक अश्विनी डेढ़ से दो हजार रुपए में इन गोलियों की बिक्री कर रही थी. इसके लिए कॉलेज ग्रुप के युवक सॉफ्ट टौर्गेट होते रहने की बात सामने आई है. पॉल के पास से जब्त किए गए मोबाईल के डेटा के आधार पर वह अब तक किन लोगों के संपर्क में थी, उसने इस माध्यम से अब तक कितने पैसे कमाए इस बाबत जांच जारी है.
* ड्रग्स पेडलर से बातचीत करते समय वीओआईपी का आधार
अश्विनी पॉल अन्य तस्कर तथा ड्रग्स पेडलर से केवल वीओआईपी कॉल पर ही बातचीत करती थी. वीओआईपी कॉल यानी वाईस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल. इसमें पारंपारीक टेलीफोन लाइन्स की बजाए इंटरनेट का इस्तेमाल कर वॉईस कॉल किया जाता है.





