जिप में स्वीकृत सदस्यों की ‘मर्यादा’ स्पष्ट
सभापति पद का चुनाव लडने व मतदान करने का नहीं होगा अधिकार

अमरावती/दि.23- जिला परिषद व पंचायत समितियों में स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति हेतु आवश्यक राजपत्र 15 अप्रैल को प्रकाशित किया गया. जिसके चलते स्वीकृत सदस्यों की चयन प्रक्रिया को अब मिनी मंत्रालय कहे जाते जिप के चुनाव के बाद सही अर्थो में गति मिलेगी.
जिला परिषद में स्वीकृत सदस्य की चयन प्रक्रिया हेतु राजपत्र के जरिए स्वीकृत सदस्यों की नियमावली प्रकाशित की गई है. इस राजपत्र के बाद ग्रामीण विकास विभाग द्वारा शासन निर्णय जारी किया जाएगा. जनता में से निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों की सदस्य संख्या की तुलना में 10 प्रतिशत अथवा कम से कम 5 स्वीकृत सदस्यों को मौका दिया जाएगा. पार्टी अथवा गटनेता के साथ विचार-विनिमय कर पार्टी की सदस्य संख्या के प्रमाण में स्वीकृत पार्षदों का नामनिर्देशन होगा. इस प्रक्रिया में गटनेता को काफी अधिक महत्व प्राप्त रहेगा.
साथ ही राजपत्र के जरिए यह भी स्पष्ट किया गया है कि, जिला परिषद व पंचायत समितियों के स्वीकृत सदस्यों को विषय समितियों की बैठक में मतदान का अधिकार नहीं रहेगा. साथ ही वे जिप अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं विषय समितियों के सभापति पद का चुनाव भी नहीं लड सकेंगे. इसके अलावा उनका कार्यकाल भी जननिर्वाचित सदस्यों की तरह ही पांच वर्ष में खत्म होगा.





