मेलघाट हाट : दुर्गम क्षेत्र की महिलाओं के उत्पादों को मिला हक का मंच

स्वतंत्र गोदाम, पैकेजिंग और लेबलिंग यूनिट की व्यवस्था

अमरावती/दि.23- जिले के मेलघाट क्षेत्र के दुर्गम भाग में रहने वाली स्वयं सहायता महिला बचत समूहों के श्रम और उनके कौशल से निर्मित उत्पादों को ‘मेलघाट हाट’ बिक्री केंद्र के माध्यम से हक का मंच प्राप्त हुआ है. महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए चलाए गए ऐसे अभिनव उपक्रमों को सभी स्तरों से प्रोत्साहन मिल रहा है. जिला वार्षिक योजना से जिला परिषद, महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) और महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान के संयुक्त माध्यम से अमरावती में साइंसकोर परिसर के पास आधुनिक महिला बचत समूह उत्पाद बिक्री केंद्र शुरू है. यह बिक्री केंद्र 5 जनवरी 2025 से नागरिकों की सेवा में है.
मेलघाट हाट के माध्यम से आदिवासी क्षेत्र में उत्पादित सामग्री को पहली बार शहर के मध्य भाग में हक का बिक्री केंद्र मिला है. इस मॉल के माध्यम से उत्पादित वस्तुओं की सीधे ग्राहकों को बिक्री होने से बिचौलियों की श्रृंखला समाप्त हो रही है और बचत समूह की महिलाओं की आय में विशेष वृद्धि हो रही है. इस स्थान पर ग्राहकों के लिए मेलघाट के विविध वनौषधि, बांस से बनी कलात्मक वस्तुएं, वन उपज और शुद्ध शहद जैसी दुर्लभ वस्तुओं की बड़ी श्रेणी खरीद के लिए उपलब्ध है. आदिवासी महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए महिला बचत समूहों को लगातार प्रोत्साहन देकर आदिवासी क्षेत्र में अधिक से अधिक बचत समूहों का नेटवर्क तैयार करना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है. महिलाओं के कला-कौशल को उचित दिशा मिले तथा ग्राहकों की मांग के अनुसार उत्पादन में विविधता लाकर उन्हें बड़ा बाजार उपलब्ध कराने के लिए मेलघाट हाट की निर्मिति की गई है.
बिक्री के लिए लाए गए उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर उचित मूल्य मिले इसके लिए उत्पादों का बेहतर मार्केटिंग, आकर्षक पैकिंग और प्रभावी ब्रांडिंग करना समय की आवश्यकता है. इसी बात को ध्यान में रइते हुए महिला बचत समूहों को इन तकनीकी विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इन उत्पादों को राज्य सहित पूरे देश में बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. मेलघाट के धारणी तथा चिखलदरा तहसील के स्वयं सहायता महिला बचत समूहों द्वारा उत्पादित माल को स्थायी बाजार मिले, इसी उद्देश्य से यह मेलघाट हाट बिक्री केंद्र शुरू किया गया है. इस केंद्र की विशेषता यह है कि यहां एक ही छत के नीचे मेलघाट के 47 प्रकार की विभिन्न वस्तुएं बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. पहले चरण में कुल 60 स्वयं सहायता महिला बचत समूहों के उत्पाद इसमें शामिल किए गए थे. इनमें मुख्य रूप से बांस से बने विविध उत्पाद, तृणधान्य जैसे सावा, कुटकी, ज्वार, बाजरा तथा दालें, गेहूं, लाल चावल, तूर दाल, विभिन्न प्रकार के अचार, चिखलदरा की विश्वप्रसिद्ध कॉफी, मध और शुद्ध घी शामिल हैं. इसके अलावा गृह सजावट की वस्तुएं और स्वास्थ्य की दृष्टि से पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी यहां उपलब्ध हैं. इस केंद्र को आधुनिक मॉल का स्वरूप दिया गया है और यहां स्वतंत्र गोदाम, पैकेजिंग और लेबलिंग यूनिट की व्यवस्था की गई है, जिससे ग्राहकों को इरीदारी का एक अलग अनुभव मिल रहा है.
खादी एवं ग्रामोद्योग मंडल और महिला आर्थिक विकास महामंडल की ओर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मेलघाट हाट में ‘खादी महोत्सव’ का भी आयोजन किया गया था. इस अवसर पर कस्तूरबा सोलर इादी महिला समिति के अंतर्गत धारणी तहसील की महिलाओं ने कपास से सूत और सूत से कपड़ा तथा गारमेंट तक के उत्पाद तैयार कर सभी का ध्यान आकर्षित किया. इस क्लस्टर की महिलाओं द्वारा तैयार माल इादी महोत्सव में बिक्री के लिए रखा गया था. विकेंद्रीकृत सोलर चरखा समूह कार्यक्रम के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं द्वारा तैयार की गई गुणवत्तापूर्ण खादी और सौर खादी उत्पाद यहां रियायती दरों पर नागरिकों के लिए उपलब्ध कराए गए थे, जिसे अमरावती के नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिला. प्रशासन के इस अभिनव उपक्रम से मेलघाट की आदिवासी महिला बहनों के बचत समूहों को बिक्री और विपणन के लिए एक सशक्त मंच मिला है, जिससे महिला सशक्तिकरण के साथ आदिवासी क्षेत्र के आर्थिक विकास को निश्चित रूप से बड़ी गति मिलेगी.
– अपर्णा यावलकर,
सूचना अधिकारी,
जिला सूचना कार्यालय, अमरावती

 

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