‘कोणार्क’ के वाहन चालकों व मजदूरों ने अचानक शुरू की हडताल
ठेकेदार पर पिछले माह का वेतन नहीं देने का लगाया आरोप

* 6 माह से ईपीएफ व ईएसआईसी नहीं भरे जाने की बात भी कही
* इर्विन चौक पर शुरू किया धरणा आंदोलन, ठेकेदार के खिलाफ की नारेबाजी
* जानकारी मिलते ही उपमहापौर सचिन भेंडे पहुंचे चालकों व सफाई कर्मियों को समझाने
अमरावती/दि.12- शहर में साफ-सफाई के मुद्दे को लेकर पहले ही विवादों में घेरी रहनेवाली कोणार्क इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी के लिए आज उस समय एक बडी मुसिबत खडी हो गई. जब अमरावती की साफ-सफाई का एकल व संयुक्त ठेका हासिल रहनेवाली कोणार्क कंपनी के लिए काम करनेवले वाहन चालकों व सफाई कर्मियों में से 94 कामगारों द्बारा अचानक ही कामबंद आंदोलन करते हुए इर्विन चौराहे पर डॉ. आंबेडकर पुतला परिसर में धरना प्रदर्शन करना शुरू किया गया. इस समय प्रदर्शनकारी कामगारों ने आरोप लगाया है कि कोणार्क कंपनी द्बारा उन्हें विगत माह से उनका वेतन अदा नहीं किया गया. साथ ही विगत करीब 6 माह से उन्हें इपीएफ व ईएसआईसी का लाभ भी नहीं दिया जा रहा. इन कामगादों ने अपने आर्थिक लाभ नियमित होने तक कामबंद आंदोलन करने की चेतावनी भी दे डाली. जिसके चलते अच्छे खासे हडकंप वाली स्थिति बनी.
खास बात यह रही कि कोणार्क कंपनी के सफाई कामगारों द्बारा इर्विन चौराहे पर धरना प्रदर्शन शुरू किए जाने के बारे में जानकारी मिलते ही उपमहापौर सचिन भेंडे तुरंत ही मौके पर पहुंचे तथा उन्होंने सफाईकर्मियों को समझा बुझाकर शांत करने का प्रयास करते हुए इस मामले में मध्यस्थता करने की कोशीष की. साथ ही उपमहापौर सचिन भेंडे ने मनपा की अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय जाधव को भी तुरंत मौके पर बुलाते हुए इस बारे में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश जारी किए. हालांकि इस समय मनपा अधिकारियों का यह कहना रहा कि इन सफाई कर्मियों की मांगो और मामलो से अमरावती महानगर पालिका का सिधे तौर पर कोई लेना देना नहीं हैं. बल्कि यह सफाई ठेकेदार एजेंसी कोणार्क कंपनी का अंदरूनी मामला हैं. इसके चलते इस मामले में मनपा सीधे तौर पर कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकती. हालांकि इस बारे में मनपा द्बारा कोणार्क कंपनी के साथ बातचीत जरूर की जा सकती हैं.
वहीं इस समय अमरावती महानगर पालिका कामगार युनियन के अध्यक्ष नारायण चव्हाण व सचिव सुनील घटाले ने उपमहापौर सचिन भेंडे को बताया कि कोणार्क कंपनी के साथ काम करनेवाले कामगारों द्बारा जब अपने आर्थिक लाभों को लेकर मांग उठाई गई तो कंपनी द्बारा उन्हें काम से निकाल देने की धमकी देते हुए कहा गया कि स्थानीय लोगों को काम से हटाकर कंपनी द्बारा युपी व बिहार से सफाई कामगार लाकर उनसे काम करवाया जाएगा. इस समय प्रदर्शनकारी सफाई कामगारों का यह भी कहना रहा कि उन्होंने इससे पहले करीब 17 साल तक शहर में कचरा संकलन का काम करनेवाली पूजा कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ भी कचरा ढुलाई का काम किया हैं. लेकिन उन्हें उन 17 वर्षों के दौरान वेतन सहित अन्य आर्थिक लाभों को लेकर पूजा कंस्ट्रक्शन कंपनी से कभी कोई तकलीफ नहीं हुई. लेकिन विगत 4-5 माह पहले अमरावती शहर में साफ-सफाई का ठेका हासिल करनेवाली कोणार्क कंपनी ने उन्हें परेशान कर दिया हैं. इन वाहन चालकों व सफाई कर्मियों द्बारा यह भी कहा गया कि यदि उनके बकाया वेतन सहित ईपीएफ व ईएसआईसी के मामले का त्वरित निपटारा नहीं हुआ तो वे कोणार्क कंपनी के खिलाफ तीव्र आंदोलन करेंगे.





