नामांकन के अंतिम दिन अमरावती में चतुरंगी हुआ विधान परिषद का चुनाव, चार प्रमुख दावेदारों ने भरा नामांकन
भाजपा के प्रवीण पोटे, कांग्रेस के हर्षजीत देशमुख, वंचित के निलेश विश्वकर्मा व निर्दलीय विप्लव बाजोरिया की दावेदारी चुनाव हुआ रोचक

* फिलहाल चौकोनी मुकाबला होने के आसार, नामांकन वापसी के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
अमरावती/दि.1- अमरावती स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन के अंतिम चरण में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. आज नामांकन के अंतिम दिन भाजपा के प्रवीण पोटे, कांग्रेस के हर्षजीत देशमुख, वंचित के निलेश विश्वकर्मा व निर्दलीय विप्लव बाजोरिया ने अपनी-अपनी दावेदारी पेश करते हुए चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है.
भाजपा की ओर से पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया. नामांकन के बाद उन्होंने पिछली बार की तरह इस बार भी बड़े मतांतर से जीत दर्ज करने का दावा किया. पोटे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सभी दलों के जनप्रतिनिधियों के साथ उनके अच्छे संबंध रहे हैं और विकास कार्यों के आधार पर भाजपा ने उन्हें पुनः उम्मीदवार बनाया है. उनके नामांकन के दौरान राज्य के राजस्व मंत्री व जिला पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक प्रताप अडसड, राजेश वानखड़े, सुलभा खोडके, बच्चू कडू, पूर्व सांसद आनंदराव अडसुल सहित महायुति के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे.
दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख की उम्मीदवारी भी आधिकारिक रूप से तय हो गई. दो दिन पहले नामांकन दाखिल करने वाले देशमुख ने सोमवार को पार्टी का अधिकृत ‘बी-फॉर्म’ प्रस्तुत किया. इस दौरान सांसद बलवंत वानखड़े, विधायक गजानन लवटे, पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बबलू देशमुख, शहराध्यक्ष बबलू शेखावत सहित महाविकास आघाड़ी के कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे.
वहीं वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से डॉ. निलेश विश्वकर्मा ने भी अपना नामांकन दाखिल किया. वे चांदूर रेलवे की नगराध्यक्ष डॉ. प्रियंका विश्वकर्मा के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे. इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष हर्षवर्धन पुंडकर, प्रदेश सचिव राजेंद्र पातोडे, जिलाध्यक्ष राहुल मेश्राम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे.
इसी बीच पूर्व विधान परिषद सदस्य विप्लव बाजोरिया ने भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर चुनावी समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है. शिंदे गुट की शिवसेना से जुड़े रहे बाजोरिया को इस बार हिंगोली-परभणी सीट से मौका नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने अमरावती से दावेदारी पेश की है. वे अपने पिता एवं पूर्व विधायक गोपीकिसन बाजोरिया के साथ अमरावती पहुंचे और जिला कलेक्टर कार्यालय में नामांकन दाखिल किया.
अब अमरावती निकाय क्षेत्र की विधान परिषद सीट पर भाजपा के प्रवीण पोटे, कांग्रेस के हर्षजीत देशमुख, वंचित बहुजन आघाड़ी के डॉ. निलेश विश्वकर्मा तथा निर्दलीय विप्लव बाजोरिया के मैदान में उतरने से मुकाबला बहुकोणीय और रोचक हो गया है. राजनीतिक हलकों में विशेष रूप से विप्लव बाजोरिया की दावेदारी और चुनावी मैदान में उनकी आगे की भूमिका को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.





