यूनिफॉर्म अनुदान में 20% कटौती
स्कूल प्रबंधन समितियों की बढ़ी चिंता

अमरावती /दि.17- बढ़ती महंगाई के दौर में जहां स्कूलों और अभिभावकों को अधिक आर्थिक सहायता की अपेक्षा थी, वहीं समग्र शिक्षा अभियान के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाले यूनिफॉर्म अनुदान में 20 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है. पहले प्रति यूनिफॉर्म 300 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब यह राशि घटाकर 240 रुपये कर दी गई है. इस फैसले से स्कूल प्रबंधन समितियों और प्रधानाध्यापकों के सामने कम बजट में गुणवत्तापूर्ण यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की चुनौती खड़ी हो गई है.
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाती है. इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर शिक्षा का खर्च कम करना और सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाना है.
* दो वर्षों से नहीं बढ़ी अनुदान राशि
सरकार ने वर्ष 2023-24 में यूनिफॉर्म के लिए अनुदान बढ़ाकर 300 रुपये किया था. इसके बाद पिछले दो वर्षों में महंगाई लगातार बढ़ने के बावजूद इस राशि में कोई वृद्धि नहीं की गई. अब 300 रुपये की जगह 240 रुपये मिलने से स्कूल प्रशासन और प्रबंधन समितियों की चिंता और बढ़ गई है. उनका कहना है कि वर्तमान बाजार दरों में इतनी कम राशि में गुणवत्तापूर्ण यूनिफॉर्म खरीदना मुश्किल होगा.
* 1 लाख से अधिक विद्यार्थी होंगे प्रभावित
जिले में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कुल 1,01,822 विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफॉर्म का लाभ मिलने की संभावना है. इनमें गरीबी रेखा से नीचे परिवारों के बच्चे 13 हजार 116, अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चे 7 हजार 562, अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चे 16 हजार 720, अन्य श्रेणी के बच्चे 11 हजार 109, पीएम श्री स्कूलों के विद्यार्थी 1 हजार 885, अन्य विद्यालयों के विद्यार्थी 12 हजार 994 है.
* किन विद्यार्थियों को मिलता है लाभ?
समग्र शिक्षा अभियान के तहत सभी बालिकाओं, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के बच्चों तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाती है. इसके अलावा राज्य सरकार अन्य पात्र श्रेणियों के विद्यार्थियों को भी इस योजना का लाभ देती है. शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए यूनिफॉर्म अनुदान में कटौती के बजाय वृद्धि की जानी चाहिए थी, ताकि जरूरतमंद विद्यार्थियों को बेहतर गुणवत्ता की वर्दी उपलब्ध कराई जा सके.





