रविकांत तुपकर के कर्जमुक्ति आंदोलन को किसान सभा का समर्थन

विभागीय आयुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

अमरावती/दि.17– किसानों की संपूर्ण और बिना शर्त कर्जमाफी तथा फसल बीमा के अधिकारों की मांग को लेकर क्रांतिकारी शेतकरी संगठना के नेता रविकांत तुपकर द्वारा बुलढाणा में शुरू किए गए आमरण अनशन को महाराष्ट्र राज्य किसान सभा ने अपना खुला समर्थन दिया है.
कर्जमुक्ति योजना-2026 की पृष्ठभूमि में रविकांत तुपकर ने 15 जून से अपने बुलढाणा स्थित निवास पर आमरण अनशन शुरू किया है. उनकी प्रमुख मांगों में सभी किसानों के लिए बिना किसी शर्त के कर्जमाफी और फसल बीमा से संबंधित लंबित मुद्दों का समाधान शामिल है. मंगलवार 16 जून को महाराष्ट्र राज्य किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने बुलढाणा पहुंचकर अनशन स्थल का दौरा किया और तुपकर के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की. प्रतिनिधिमंडल में किसान सभा के नेता अशोक सोनारकर, सरचिटणीस नयन गायकवाड (अकोला), भीमराव गवई (बुलढाणा) और सागर दुर्योधन (अमरावती) शामिल थे. प्रतिनिधियों ने कहा कि किसान सभा इस संघर्ष में पूरी मजबूती से किसानों के साथ खड़ी है.
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए तथा राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बुधवार 17 जून को दोपहर 12 बजे अमरावती विभागीय आयुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर निवेदन सौंपा गया. संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने किसानों, खेत मजदूरों और सभी घटक संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हुए. आंदोलन में अशोक सोनारकर, सतीश चौधरी, महादेवराव गारपवार, डॉ. ओमप्रकाश कुटेमाटे, श्याम शिंदे, महेश देशमुख, प्रा. साहेबराव विदले, नीलकंठ ढोके, जे. एम. कोठारी, सुभाष पांडे, सुनील देशमुख, अश्विन चौधरी, डॉ. प्रफुल्ल गुडधे, सागर दुर्योधन, सुनील घटाले, संजय मंडवधरे और उमेश बनसोड सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता बडी संख्या में शामिल हुए. किसान संगठनों का कहना है कि यदि किसानों की कर्जमाफी और फसल बीमा से जुड़ी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा.

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