नकली सोयाबीन बीजों से किसानों को नुकसान

युवा स्वाभिमान पार्टी ने जांच और मुआवजे की मांग उठाई

अमरावती/दि.7 – अमरावती जिले में कथित रूप से नकली एवं घटिया गुणवत्ता वाले सोयाबीन बीजों के कारण किसानों को हुए भारी आर्थिक नुकसान को लेकर युवा स्वाभिमान पार्टी ने जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन कर जिलाधिकारी तथा जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी को ज्ञापन सौंपा. पार्टी ने दोषी बीज कंपनियों की तत्काल जांच कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है.
ज्ञापन में कहा गया कि जिले के अनेक किसानों ने विभिन्न कंपनियों के सोयाबीन बीज करीब 140 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदकर इस खरीफ सीजन में बुवाई की थी. लेकिन बुवाई के बाद बड़ी संख्या में बीजों का अंकुरण नहीं हुआ या बहुत कम मात्रा में हुआ. इससे किसानों का बीज, बुवाई, मजदूरी, खेत की तैयारी तथा अन्य कृषि कार्यों पर किया गया पूरा खर्च व्यर्थ हो गया और वे गंभीर आर्थिक संकट में आ गए हैं. युवा स्वाभिमान पार्टी ने कहा कि अब किसानों के सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है. एक ओर उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर दोबारा बुवाई के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होंगे या नहीं, इसे लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है.
पार्टी ने प्रशासन से मांग की है कि जिले में बेचे गए संबंधित सोयाबीन बीजों की तत्काल जांच कर उनके नमूने प्रयोगशाला भेजे जाएं. जांच में दोषी पाए जाने वाले बीज उत्पादक एवं विक्रेता कंपनियों के खिलाफ बीज अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए. ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि प्रभावित किसानों के खेतों का पंचनामा कर उन्हें बीज, बुवाई, मजदूरी तथा अन्य आर्थिक नुकसान की भरपाई तत्काल दी जाए. साथ ही पुनर्बुवाई के लिए किसानों को गुणवत्तापूर्ण सोयाबीन बीज उपलब्ध कराए जाएं. युवा स्वाभिमान पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन किसानों के हित में आगे भी आंदोलन तेज करेगा. इस दौरान पार्टी के मार्गदर्शक सुनील राणा, जिलाध्यक्ष प्रकाश साबले, संजय भारसाकले, देवानंद राठोड़, मंगेश इंगोले पाटील, जीवन सरदार, आशीष कावरे, अजय अब्रुक, सुशील गुल्हाने, गोविंद तायवाडे, अक्षय समरित, लोहेकर, मधुकर ढवले, सूरज बारबुद्धे, शेखर वीघे, गजानन इसल, कैलास बारबुद्धे, एकनाथ बारबुद्धे, विनेाद बारबुद्धे, प्रमाण बारबुद्धे, प्रवीण बारबुद्धे, गौरव पंडित, कुलदीप बोबडे, कैलाश मोरे, रोहन मोरे, प्रमोदराव तभाने, नरेश मनोहरे, मनोहर अंबाडकर, भारत मोरे, रामराव वाघमारे, जीतेंद्र चौखंडे, दिवाकररराव सगने, नंदकुमार मेमनकर, देवानंद ठाकरे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

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