‘फॉगिंग’ के लिए नहीं जारी होगा स्वतंत्र टेंडर

मनपा आयुक्त के निर्णय पर आमसभा में लगाई रोक

* कोणार्क को ही फवारणी-धुवारणी का जिम्मा सौंपने का निर्णय
* स्वच्छता समिती की रिपोर्ट के आधार पर महापौर तेजवानी ने दी रूलिंग
* बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए फॉगिंग व ब्लिचिंग का काम तुरंत शुरू करने का निर्देश भी जारी किया
अमरावती/दि.16 – इस समय अमरावती महानगरपालिका सहित महानगर क्षेत्र में शहर की साफसफाई को लेकर जबरदस्त हंगामा मचा हुआ है तथा कोणार्क कंपनी को शहर की साफसफाई के लिए दिया गया एकल व संयुक्त ठेका विवादों में घिरा हुआ है. इसी बीच कल बुधवार 15 जुलाई को हुई मनपा की आमसभा में शहर के सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिसके तहत शहर में फॉगिंग (धुआं फवारणी) और ब्लिचिंग (धुवारणी) के कार्यों के लिए महानगरपालिका प्रशासन द्वारा स्वतंत्र टेंडर जारी करने की प्रक्रिया पर आमसभा ने रोक लगा दी. साथ ही यह निर्णय लिया गया कि फवारणी और धुवारणी का कार्य कोणार्क कंपनी को दिए गए मौजूदा स्वच्छता ठेके में ही शामिल किया जाए. इस विषय पर हुई लंबी चर्चा के बाद महापौर श्रीचंद तेजवानी ने स्वच्छता अध्ययन समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्पष्ट रूलिंग दी कि फॉगिंग और ब्लिचिंग के लिए अलग से निविदा जारी करने की आवश्यकता नहीं है. समिति की सिफारिशों के अनुरूप यह जिम्मेदारी कोणार्क कंपनी को ही सौंपी जानी चाहिए.
उल्लेखनीय है कि मनपा प्रशासन द्वारा हाल ही में शहर में फॉगिंग और ब्लिचिंग के कार्यों के लिए लगभग 44.76 लाख रुपये की लागत से स्वतंत्र निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की गई थी. इस निर्णय को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के कई पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई थी. पार्षदों का कहना था कि जब पूरे शहर की सफाई, कचरा संकलन और परिवहन का काम पहले से ही कोणार्क कंपनी को सौंपा गया है, तब फॉगिंग और ब्लिचिंग के लिए अलग से टेंडर निकालना अनावश्यक आर्थिक बोझ साबित होगा. साथ ही इससे पारदर्शिता और प्रशासनिक मंशा पर भी सवाल खड़े होते हैं.
गतरोज हुई आमसभा में सभागृह नेता चेतन गावंडे, नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले, गटनेता डॉ. राजेंद्र तायडे, स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल व मिलींद चिमोटे तथा कांग्रेस पार्षद बबलू शेखावत ने इस विषय पर हुई चर्चा पर कहा कि, कोणार्क कंपनी के कामकाज की समीक्षा के लिए गठित सर्वदलीय स्वच्छता अध्ययन समिति ने अपने निरीक्षण और दस्तावेजों के अध्ययन के बाद आमसभा में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की थी. समिति ने पाया था कि निविदा सूचना और वास्तविक करारनामे में कई महत्वपूर्ण अंतर हैं तथा कई आवश्यक शर्तों को करारनामे में शामिल नहीं किया गया. समिती की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से यह सिफारिश की गई थी कि शहर में मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए आवश्यक फॉगिंग और ब्लिचिंग के कार्यों को भी कोणार्क कंपनी के मौजूदा अनुबंध का हिस्सा बनाया जाए. इससे अलग से टेंडर निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी और कार्यों का समन्वय भी बेहतर रहेगा. आमसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने प्रशासन से सवाल पूछा कि जब समिति की रिपोर्ट उपलब्ध है और उस पर आमसभा की सहमति भी है, तब स्वतंत्र निविदा जारी करने की आवश्यकता क्यों महसूस की गई.
चर्चा के दौरान कई पार्षदों ने यह मुद्दा उठाया कि अलग से टेंडर निकालने पर लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा, जबकि वही कार्य मौजूदा ठेके के दायरे में शामिल किया जा सकता है. पार्षदों का कहना था कि मनपा की आर्थिक स्थिति पहले से चुनौतीपूर्ण है और ऐसे में अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगाना जरूरी है. सदन में यह भी मत व्यक्त किया गया कि यदि फवारणी और धुवारणी का कार्य सफाई व्यवस्था के साथ एकीकृत रूप से किया जाता है, तो जवाबदेही भी तय रहेगी और नागरिकों को बेहतर सेवा मिल सकेगी.
लंबी चर्चा के बाद महापौर श्रीचंद तेजवानी ने सदन की भावना को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण रूलिंग जारी की. महापौर तेजवानी ने निर्देश दिया कि फॉगिंग और धुवारणी के लिए स्वतंत्र टेंडर प्रक्रिया को आगे न बढ़ाया जाए तथा समिति की सिफारिशों के अनुरूप कोणार्क कंपनी को ही यह कार्य सौंपने की प्रक्रिया अपनाई जाए. इस रूलिंग को सदन में मौजूद अधिकांश सदस्यों का समर्थन मिला और प्रशासन को भी आमसभा के निर्णय का पालन करने के निर्देश दिए गए. आमसभा के निर्णय के बाद अब मनपा प्रशासन को कोणार्क कंपनी के साथ हुए करारनामे में आवश्यक संशोधन करने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी. इसके तहत फॉगिंग और ब्लिचिंग के कार्यों को औपचारिक रूप से अनुबंध में शामिल किया जाएगा.
सदन के इस फैसले को प्रशासनिक निर्णयों पर जनप्रतिनिधियों की प्रभावी भूमिका और स्वच्छता अध्ययन समिति की सिफारिशों की जीत के रूप में देखा जा रहा है. वहीं अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मनपा प्रशासन आमसभा के निर्देशों का पालन कितनी तेजी से करता है और शहर में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए फवारणी तथा धुवारणी का काम कब शुरू होता है.
* स्वच्छता अधिकारी डॉ. अजय जाधव के नाम जारी होगी शोकॉज नोटीस
– अगली आमसभा में डॉ. जाधव को देना होगा जवाब, असमाधानकारक खुलासा रहने पर होगी कार्रवाई
फॉगिंग व ब्लिचिंग के काम का जिम्मा स्वच्छता समिती की सिफारिश के अनुरूप कोणार्क कंपनी को सौंपने की बजाए इस काम के लिए करीब 45 लाख रूपये की लागत वाला नया ठेका जारी करने और शहर की साफसफाई व्यवस्था के लिए कोणार्क कंपनी के कामों पर ध्यान नहीं देने जैसी बातों को लेकर सभी दलों के पार्षदों का गुस्सा मनपा के स्वच्छता अधिकारी डॉ. अजय जाधव पर भी फूटा तथा कई पार्षदों ने डॉ. जाधव के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठाई. इसके चलते पीठासीन सभापति व महापौर श्रीचंद तेजवानी ने प्रशासन को निर्देश दिया कि, डॉ. अजय जाधव के खिलाफ शोकॉज नोटीस जारी की जाए और उनकी ओर से मिलनेवाले जवाब को मनपा की अगली आमसभा में रखा जाए. महापौर श्रीचंद तेजवानी ने यह भी स्पष्ट किया कि, यदि स्वच्छता अधिकारी डॉ. अजय जाधव का खुलासा समाधानकारक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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