अहंकार की मिली सजा, अब याद आई रामरक्षा
पूर्व सांसद नवनीत राणा का उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला

* उद्धव ठाकरे के रामरक्षा पाठ कार्यक्रम पर कसा तंज
* 18 जुलाई को हनुमानगढ़ी में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी पूर्व सांसद राणा
अमरावती/दि.16- अयोध्या के कथित दान घोटाले के मुद्दे पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) द्वारा शुरू किए गए रामरक्षा आंदोलन को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. इसी बीच भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद नवनीत राणा ने शिवसेना (ठाकरे गुट) के पार्टी प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अहंकार की सजा मिलने के बाद अब उन्हें रामरक्षा याद आ रही है.
उल्लेखनीय है कि उद्धव ठाकरे 18 जुलाई को नागपुर के रामनगर स्थित श्रीराम मंदिर में रामरक्षा पाठ करने वाले हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास के निकट आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को ठाकरे गुट के रामरक्षा आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. जिसे लेकर पूर्व सांसद नवनीत राणा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे के कार्यक्रम पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो लोग कभी हनुमान चालीसा के पाठ का विरोध करते थे, आज वही रामरक्षा पाठ करने के लिए मजबूर हो गए हैं. उन्होंने आगे कहा कि सत्ता जाने के बाद, पार्टी में टूट होने के बाद और विधायकों व सांसदों के साथ छोड़ने के बाद ठाकरे गुट को अब हिंदुत्व की याद आ रही है. राणा ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व के विचारों से दूरी बना ली थी.
* 18 जुलाई को हनुमानगढ़ी में करेंगी पाठ
उधर, उद्धव ठाकरे के रामरक्षा पाठ वाले दिन ही नवनीत राणा ने भी नागपुर के समीप स्थित हनुमानगढ़ी में हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी नरेश का चमत्कार है कि उद्धव ठाकरे को अब रामरक्षा पाठ करने की सद्बुद्धि मिली है.
* 2022 के विवाद की दिलाई याद
पूर्व सांसद नवनीत राणा ने वर्ष 2022 के उस चर्चित घटनाक्रम का भी उल्लेख किया, जब उन्होंने और उनके पति विधायक रवि राणा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मुंबई स्थित ‘मातोश्री’ निवास के बाहर हनुमान चालीसा पाठ करने की घोषणा की थी. उस समय हुए राजनीतिक विवाद के बाद राणा दंपति पर राजद्रोह सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. इस घटना का जिक्र करते हुए नवनीत राणा ने कहा कि केवल हनुमान चालीसा पढ़ने की घोषणा करने पर उनके खिलाफ गंभीर मामले दर्ज किए गए थे, जबकि आज वही लोग रामरक्षा पाठ का आयोजन कर रहे हैं.
* रामरक्षा आंदोलन को लेकर बढ़ी राजनीतिक गर्मी
अयोध्या से जुड़े कथित दान प्रकरण को लेकर ठाकरे गुट द्वारा राज्यभर में रामरक्षा आंदोलन चलाया जा रहा है. मुंबई के बाद अब नागपुर में होने वाले रामरक्षा पाठ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. एक ओर ठाकरे गुट इसे धार्मिक और जनजागरण का कार्यक्रम बता रहा है, वहीं भाजपा नेता इसे राजनीतिक नौटंकी करार दे रहे हैं. 18 जुलाई को नागपुर में रामरक्षा पाठ और हनुमान चालीसा पाठ के समानांतर कार्यक्रमों के चलते राज्य की राजनीति में एक बार फिर हिंदुत्व और धार्मिक प्रतीकों को लेकर सियासी टकराव देखने को मिल सकता है.