पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख ने किया डफरीन अस्पताल का दौरा

भीषण अग्निकांड में तीन नवजातों की मौत पर जताया अफसोस

* अस्पताल प्रबंधन व स्वास्थ्य महकमे को खडा किया सवालों के कटघरे में
अमरावती /दि.25- गतरोज स्थानीय जिला स्त्री अस्पताल यानी डफरीन अस्पताल के एनआयसीयू विभाग में लगी भीषण आग और इस अग्निकांड में तीन नवजात बच्चों की झुलसकर मौत हो जाने की घटना का पता चलते ही पूर्व पालकमंत्री डॉ. सुनील देशमुख ने तुरंत ही डफरीन अस्पताल को भेंट देते हुए चौथी मंजिल पर स्थित भस्मिसात एनआयसीयू कक्ष को भेंट दी. जहां पर मुआयना करने के बाद पूर्व मंत्री डॉ. देशमुख ने प्रभावित व पीडित परिवारों से मुलाकात करते हुए उनका ढांढस बंधाया. साथ ही इस घटना को बेहद दुर्भाग्यजनक बताते हुए अस्पताल प्रबंधन एवं स्वास्थ्य महकमे सहित जिला प्रशासन को सवालों के कटघरे में खडा किया. इस समय डॉ. सुनील देशमुख ने कहा कि, दो दिन पहले ही उन्होंने अमरावती शहर मेंं लगभग सभी क्षेत्रों की दुरावस्था को लेकर पत्रकार परिषद बुलाई थी. जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लापरवाह कामकाज, जनसमस्याओं की अनदेखी एवं मूलभूत सुविधाओं के विकास को लेकर अनास्था जैसे विषयों पर अपनी बात रखी थी. उस समय उनके बयानों को राजनीति से प्रेरित बताया गया था. परंतु अब डफरीन अस्पताल में घटित अग्निकांड में कई न कई यह साबित कर दिया है कि, उनके द्वारा पत्रकार परिषद में कही गई बातों एवं लगाए गए आरोपों में काफी हद तक सच्चाई थी. ऐसे में कम से कम अब उन सभी बातों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं सरकार द्वारा गंभीरता से लिया जाना चाहिए तथा सभी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को चुस्त-दुरूस्त किया जाना चाहिए. ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को टाला जा सके.
गतरोज डफरीन अस्पताल में पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख के साथ पूर्व मंत्री एड. यशोमति ठाकुर एवं मनपा के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व महापौर विलास इंगोले भी मौजुद थे. जिन्होंने इस भीषण दुर्घटना पर शोक के साथ ही क्षोभ व्यक्त करते हुए पीडित व प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति एवं सांत्वना भी व्यक्त की.

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