प्रत्येक मंडल के लिए एक अंमलदार
सभी पंडालों को थानेदार की विजिट अनिवार्य

* शहर पुलिस ने शुरु की गणेशोत्सव बैठक
* होगी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, 14 सितंबर से पहले एमपीडीए के प्रलंबित प्रस्ताव होंगे आगे
अमरावती /दि.31- शहर पुलिस ने 14 दिनों बाद प्रारंभ हो रहे 10 दिवसीय गणेशोत्सव, उसके पूर्व दहीहांडी, पोला, पोले की कर जैसे त्यौहारों हेतु आज अधिकारियों, थानेदारों की हाइलेवल बैठक के साथ तैयारी छेड दी. पुलिस आयुक्त राकेश ओला की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी थानेदारों को अपने क्षेत्र के गणेश पंडाल की एक विजिट अनिवार्य की गई है. उसी प्रकार प्रत्येक मंडल के लिए एक अंमलदार तैनात करने के निर्देश दिए गए. मंडलों से उनके स्थापना जुलूस और विसर्जन के कार्यक्रम के बारे में जानकारी लेकर उस हिसाब से बंदोबस्त करने कहा गया.
बैठक में तीनों डीसीपी, एसीपी, सभी थानेदार, अपराध शाखा, विशेष शाखा, यातायात विभाग सभी के निरीक्षक और अधिकारी मौजूद रहे. पुलिस आयुक्त ने पंडालों को भी सभी आवश्यक निर्देश देने कहा. उसी प्रकार थानेदारों को अपने क्षेत्र के विसर्जन स्थल पर जाकर वहां भी व्यवस्था का अवलोकन करने कहा.
* अवश्य जाएं विसर्जन स्थल
पुलिस आयुक्त ओला ने अधीनस्थों को निर्देश दिए कि, उत्सव दौरान दुर्घटनाएं टालना आवश्यक है. इसके लिए छत्री तालाब, प्रथमेश तालाब, वडाली और कोंडेश्वर के तालाब का स्पॉट पर जाकर निरीक्षण करने कहा. वहां होनेवाले विसर्जन दौरान सभी व्यवस्था देखने के निर्देश दिए.
* होगी प्रतिबंधात्मक एक्शन
दहीहांडी, पोला, पोले की कर और गणेशोत्सव दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संगीन अपराधों में लिप्त गुंडे-बदमाशों पर नजर रखने और कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस आयुक्त ने दिए. उन्होंने दफा 107, 110 अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने तो कहा ही. साथ ही एमपीडीए के प्रलंबित प्रस्तावों पर भी गणपति से पहले उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए. आगे अगले सप्ताह और बैठक हो सकती है. पिछले साल शहर में 590 सार्वजनिक मंडलों में गणपति की स्थापना की गई थी. इस बार भी अमूमन उतने मंडल तो रहेंगे ही, ऐसा खाकी का अनुमान है.





