खरवाड़ी में 70 वर्षों से निभाई जा रही देवी को श्रद्धांजलि देने की परंपरा

सभी धर्मों की भागीदारी से सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश

चांदूर बाजार/दि.16 – अमरावती जिले के चांदूर बाजार तहसील अंतर्गत खरवाड़ी गांव में देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करने की परंपरा पिछले करीब 70 वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है. गांव की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुकी इस परंपरा को आज भी ग्रामीणों ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ संजोकर रखा है.
खरवाड़ी गांव की विशेषता यह है कि यहां विभिन्न जाति और धर्मों के लोग आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ रहते हैं. देवी के धार्मिक आयोजन के दौरान समाज के सभी वर्गों के लोग एकजुट होकर परंपरा में सहभागी बनते हैं. इससे गांव में सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और एकता की भावना मजबूत होती है.

* महापूजा के दिन बनता है पारंपरिक पकवान
देवी के धार्मिक आयोजन के अंतिम दिन होने वाली महापूजा का विशेष महत्व है. इस अवसर पर गांव के घरों में चावल और बैंगन से बना पारंपरिक व्यंजन तैयार किया जाता है. इसके बाद ग्रामीण एकत्रित होकर ग्रामदेवी की पूजा-अर्चना करते हैं और वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हैं. समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और पीढ़ियां भी बदल गईं, लेकिन खरवाड़ी के ग्रामीणों की देवी के प्रति आस्था और परंपरा के प्रति समर्पण आज भी कायम है. नई पीढ़ी भी इस सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभा रही है.

* धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक एकता का संदेश
खरवाड़ी में निभाई जाने वाली यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न धर्मों के लोगों को एक साथ लाने का माध्यम भी है. आपसी सहयोग, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करने वाली यह परंपरा गांव की विशिष्ट पहचान बन गई है. करीब सात दशकों से चली आ रही इस परंपरा को ग्रामीणों द्वारा संरक्षित रखना क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है

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