भाजपा शहर अध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

सूखाग्रस्त किसानों को 5 हजार की अग्रिम सहायता

अमरावती/ दि. 16- महाराष्ट्र में भीषण सूखे की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नेतृत्व वाली महायुति सरकार द्बारा किसानों को दिवाली से पहले 5 हजार रूपये की अग्रिम आर्थिक सहायता देने के निर्णय का भाजपा अमरावती शहर जिलाध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे ने स्वागत किया है. उन्होंने इस निर्णय के लिए फडणवीस सरकार का अभिनंदन करते हुए कहा कि इससे संकटग्रस्त किसानों को बडी राहत मिलेगी. डॉ. धांडे के अनुसार राज्य के 305 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. पिछले पांच दशकों में नहीं देखे गए भीषण सूखे की चुनौती के बीच सरकार ने पानी,फसलों और पशुओं के चारे की व्यवस्था के साथ-साथ किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए है. उन्होंने कहा कि इस निर्णय से राज्य के करीब साढे तीन लाख परिवारों के कर्जमाफी का रास्ता भी साफ होने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि सूखे की गंभीर स्थिति में किसानों पर कर्ज वसूली का दबाव नहीं डालने के निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संबंधित एजेंसियों को दिए है. इसके अलावा, पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने की दिशा में भी सरकार प्रयासरत है.
डॉ. धांडे ने कहा कि सूखाग्रस्त तालुकों के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ करने का निर्णय लिया गया है. पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने हेतु चारा फसलों की योजना बनाई जाएगी. साथ ही किसानों से उचित समर्थन मूल्य पर चारा खरीदने का निर्णय भी लिया गया है. इससे किसानों को अपने पशुधन को सुरक्षित रखने में मदद मिलेंगी. उन्होंने कहा कि सूखा एक प्राकृतिक आपदा है और इससे निपटने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है. ऐसे समय में विपक्ष द्बारा इस मुद्दे पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने किसानों से सरकार का सहयोग करने और संकट का एकजूट होकर सामना करने की अपील की.

* कल्याण के लिए कई योजनाएं प्रभावी
डॉ. धांडे ने कहा कि राज्य में साढे सात ‘हॉर्सपावर’ तक के कृषि पंपों के लिए बिजली आपूर्ति पर राहत दी जा रही है. किसानों को 5 हजार रूपये की अग्रिम सहायता के साथ सूखाग्रस्त क्षेत्रों के विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में छूट दी जा रही है. इसके अतिरिक्त राज्य के दो लाख से अधिक आंगणवाडी कर्मचारियों के परिवारों को 2 हजार रूपये की भाउबीज सहायता देकर सरकार ने संवेदनशील का परिचय दिया है. उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 12 हजार रूपये की सम्मान निधि दी जा रही है. इसके लिए राज्य सरकार द्बारा 6 हजार करोड रूपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराए जाने की बात भी उन्होंने कही. डॉ. धांडे ने कहा कि किसानों के हित में महाराष्ट्र सरकार द्बारा किए जा रहे प्रयासों को अन्य राज्यों को भी अनुसरण करना चाहिए.

* कर्नाटक में केवल 2,500 रूपये
डॉ. नितिन धांडे ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार द्बारा सूखाग्रस्त किसानों के लिए 5 हजार रूपये की अग्रिम सहायता घोषित किए जाने के मुकाबले कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने किसानों के लिए केवल 2,500 रूपये की सहायता की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में घोषित सहायता कर्नाटक की तुलना में दोगुनी है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कर्नाटक सरकार द्बारा घोषित सहायता किसानों तक समय पर पहुंचेगी या नहीं, क्योंकि वहां की सरकार केंद्र के सहायता मिलने की प्रतीक्षा कर रही है. डॉ.धांडे ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना, नमो शेतकरी महासम्मान निधि योजना, पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान मुक्ति योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में राज्य की भागीदारी, कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत और दिवाली से पहले 5 हजार रूपये की अग्रिम सहायता जैसी योजनाओं के माध्यम से महाराष्ट्र सरकार किसानों के साथ मजबूती से खडी है. अंत में उन्होंने किसानों से सूखे का सामना करने के लिए एकजुट रहने और सरकार का सहयोग करने की अपील की. साथ ही विपक्ष से राजनीति करने के बजाय जनहित को प्राथमिकता देने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में आने वाली पीढियों को सूखे की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के प्रयासों को सभी को समर्थन देना चाहिए.

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