धर्मनाथ बीज महोत्सव निमित्य संगीतमय श्री विठ्ठल नाम जप का आयोजन रहा शानदार
कैलाश महाराज चांदुरकर, जनार्दन महाराज गावंडे, गुरु श्री शांतिनाथ जी सहित अनेकों संतों की रही उपस्थिति

अमरावती /दि.20 – स्थानीय राजापेठ परिसर स्थित झेंडा में विगत दो दिनों से चला आ रहा धर्मनाथ बीज महोत्सव निमित्य संगीतमय श्री विठ्ठल नाम जप का आयोजन बेहद शानदार रहा और इस आयोजन में अनेकों धर्मशील महिला व पुरुषों की अच्छी-खासी उपस्थिती रही. जिन्होंने विठ्ठल नाम जप के साथ ही संत दर्शन का भी लाभ लिया.
इस आयोजन के तहत श्री नवनाथ संप्रदाय के श्री गोरक्षनाथ द्वारा बताए गए धर्मनाथ बीज उत्सव निमित्त श्री विठ्ठल नामामृत प्रसाद प्राशन व संत दर्शन का कार्यक्रम सोमवार 19 जनवरी को दोपहर 1 से 5 बजे तक ह.भ.प. गुरुवर्य श्री जनार्दन महाराज गावंडे का श्री विठ्ठल नाम जप, रात 8 से 10 बजे तक ह.भ.प. गुरुवर्य श्री हरीओम महाराज निंभोरकर (शास्त्री भागवताचार्य) का कीर्तन किया गया. वहीं आज मंगलवार 20 जनवरी को सुबह 9 से 12 बजे तक ‘आलंदी देवाची श्री विठ्ठल परिवार’ के संस्थापक अध्यक्ष ह.भ.प. गुरुवर्य श्री जनार्दन महाराज गावंडे का श्री विठ्ठल नाम जप का आयोजन किया गया और दोपहर 1 से 4 बजे तक महाप्रसाद का वितरण किया गया.
इस अवसर पर संत श्री ज्ञानेश्वर महाराज संस्थान कमिटी (आलंदी) के प्रमुख विश्वस्त एवं अखिल भारतीय योगी महासभा के सचिव योगी निरंजननाथ गुरु श्री शांतिनाथजी सहित हभप गुरुवर्य श्री सोपानकाका शास्त्री कुचे, हभप गुरुवर्य श्री श्यामबाबा निचित, हभप गुरुवर्य श्रीकृष्ण महाराज राऊत, हभप पंकज महाराज पोहोकार, हभप रविंद्र महाराज पाटिल, श्री महंत सुरेश नंदगिरी महाराज, हभप श्री हरिओम महाराज निंभोरकर, हभप डॉ. श्रीकृष्ण महाराज माकोडे, हभप बालकृष्ण महाराज कराले व गुरुसा विजयजी सारस्वत की विशेष उपस्थिति रही. जिनके दर्शन करते हुए सभी उपस्थित भाविक श्रद्धालुओं ने संत दर्शन करने के साथ ही नाम जप व महाप्रसाद का लाभ लिया.
इस आयोजन को सफल बनाने हेतु भागवताचार्य ह.भ.प. गुरुवर्य श्री कैलाशजी महाराज चांदुरकर, प्रज्वल प्रभाकरराव भामोदकर, पांडूरंग फु. बडगुजर, वच्छलाबाई पां. बडगुजर, रविंद्र पां. बडगुजर, सरलाबाई र. बडगुजर, मयुर र. बडगुजर, अश्विनी म. बडगुजर, लाभेश र. बडगुजर, श्वेता ला. बडगुजर, कैवल्या लाभेश बडगुजर, गोरक्ष मयुर बडगुजर, ज्ञानदा मयुर बडगुजर सहित झेंडा चौक राजापेठ मित्र मंडल व श्री मारोती संस्थान राजापेठ के पदाधिकारियों व सदस्यों द्वारा महत्प्रयास किए गए.





