गुढी पाडवा पर बन रहा स्वयंसिध्दी मुहूर्त
गुरूवार 19 को मनाया जाना है हिन्दू नववर्ष

* पालखी में विराजमान होकर आयेगी मां दुर्गा
* पंडितों ने बताया नई परिस्थितियों का संकेत
अमरावती/ दि.16 – आगामी गुरूवार 19 मार्च को गुढी पाडवा मनाया जायेगा. इस बार पाडवा पर स्वयंसिध्दी योग बन रहा है. हिन्दू नववर्ष का प्रारंभ होने के साथ मंदिरों में घटस्थापना की जायेगी. चैत्र नवरात्रि उपलक्ष्य मान्यता है कि इस बार मां दुर्गा पालखी में विराजमान होकर आ रही है.
पंडित विनोद शर्मा ने बताया कि चैत्रमास की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सबेरे 6 बजकर 41 मिनट से प्रारंभ हो रही है. जो 20 मार्च को सुबह 5 बजकर 25 मिनट अर्थात सूर्योदय से पूर्व तक रहेगी. उन्होंने बताया कि उदया तिथि के अनुसार नवरात्रि का प्रारंभ भी 19 मार्च को ही होने जा रहा है. इस दिन शुक्ल योग रात्रि 1 बजकर 51 मिनट तक स्थिर है. इसे शुभयोग माना जा रहा है. चैत्र नवरात्रि के पहले ही दिन घट स्थापना अथवा कलश स्थापना करना श्रेयस्कर माना जाता है. पं. शर्मा ने बताया कि घट स्थापना का शुभम समय सबेरे 6 बजकर 41 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट तक रहेगाा. किसी कारणवश इस अवधि में पूजा या घट स्थापना नही हो पाती है तो अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना की जा सकती है. पं. विनोद शर्मा के अनुसार सबेरे 11.45 से दोपहर 12.40 तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा. प्रदोषकाल शाम 5 बजकर 5 मिनट से संध्या 6 बजकर 39 मिनट तक भी घट स्थापना की जा सकती है. उन्होंने बताया कि इस बार मां का वाहन पालखी है. पालखी में मां के आगमन को कई लोग परिवर्तन और नई परिस्थितियों का संकेत मानते हैं.
गुढी पाडवा को अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है. नया कार्यारंभ करने से लेकर नई वस्तु की खरीदी शुभ मानी जाती है. अधिकांश लोग हिन्दू नववर्ष के इस पहले दिन अपने वार्षिक संकल्प भी लेते और निभाने का प्रयत्न करते हैं. उन्होंने बताया कि आगामी 26 मार्च को राम नवमी और 2 अप्रैल को हनुमान जयंती मनाई जायेगी. उससे पहले 31 मार्च को महावीर जयंती का उत्सव हैं.





