ड्रग्ज तस्करों के खिलाफ अब ‘मिशन सफाया’, सीधे लगेगा मकोका

आरोपियों की संपत्तियों को भी किया जाएगा सील

* पुलिस आयुक्त व अपराध शाखा ‘एक्शन मोड’ पर
अमरावती /दि.23 शहर में मादक पदार्थों का जाल बिछानेवाले ड्रग्ज तस्करों के नकेल कसने के लिए पुलिस आयुक्त राकेश ओला अब पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गए हैै. जिसके चलते अब केवल ड्रग्ज तस्करों की गिरफ्तारी पर ही न रुकते हुए ऐसे अपराधियों और उनके रिश्तेदारों की संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरु की जा रही है. साथ ही साथ एमडी ड्रग्ज के आपूर्तिकर्ताओं सहित स्थानीय पेडलर व बिक्रेताओं के खिलाफ अब सीधे मकोका कानून के तहत कार्रवाई की जानेवाली है. इसके लिए पुलिस आयुक्त राकेश ओला के निर्देश पर अपराध शाखा प्रमुख संदीप चव्हाण ने कार्रवाई को गतिमान किया है.
जानकारी के मुताबिक अमरावती शहर में एमडी ड्रग्ज की खरीदफरोख करनेवाले और एमडी ड्रग्ज का सेवन करनेवाले लोगों के साथ ही बाहर से एमडी ड्रग्ज की खेप को अमरावती लानेवाले लोगों से जुडी सभी छोटी-बडी सुचनाओं को अपराध शाखा ने संकलित किया है. जिससे शहर पुलिस आयुक्त राकेश ओला को भी अवगत करा दिया गया है. जिसके बाद पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने ड्रग्ज तस्करों के रैकेट को समूल नष्ट करने हेतु विशेष ट्राईक कैम्पेन चलाने का आदेश जारी किया है. विशेष उल्लेखनीय है कि, ड्रग्ज का सेवन करनेवालों के नाम भी अब पुलिस के हाथ लग चुके है, जिनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरु की गई है.
बता दें कि, अमरावती शहर पुलिस की अपराध शाखा ने पहली बार मुंबई के तीन एमडी ड्रग्ज तस्करों को हिरासत में लेते हुए मुंबई-अमरावती ड्रग्ज कॉरिडोर का पर्दाफाश किया है.

* मकोका के साथ ही एमपीडीए भी
इस संदर्भ में शहर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक ड्रग्ज तस्करी के व्यवसाय में लिप्त आरोपियों के खिलाफ मकोका के साथ ही एमपीडीए तथा पीपी-एनडीपीएस जैसी धाराओं के तहत बेहद कडी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है. पुलिस द्वारा अपनाई गई इस भूमिका के चलते अब ड्रग्ज माफियाओं के साम्राज्य के साथ-साथ उनकी आर्थिक रसद की सप्लाई चेन को भी पूरी तरह से नष्ट किया जाएगा.

* सीधे होगी ‘सर्जिकल स्ट्राईक’
तीन आरोपियों द्वारा बार-बार मादक पदार्थ विरोधी कानून का उल्लंघन किया जा रहा है. उन्हें नियंत्रित करने हेतु अब शहर पुलिस द्वारा नई भूमिका अपनाई गई है. जिसके तहत ऐसे आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के नाम पर रहनेवाली चल-अचल संपत्ति की जानकारी सहनिबंधक कार्यालय, महानगर पालिका व तहसीलदार कार्यालय से मंगाई जा रही है एवं आरटीओ से उनके नाम पर रहनेवाले वाहनों की जानकारी हासिल की जा रही है. इसके अलावा ऐसे अपराधियों के बैंक खातों की भी कडाई से जांच की जा रही है. एक बार ऐसे अपराधियों की तमाम चल-अचल संपत्तियों की जानकारी हासिल होने के बाद प्रचलित कानून के मुताबिक उनकी सभी संपत्तियों को जब्त कर लिया जाएगा.

* वर्ष 2026 की आंकडेवारी
– जारी वर्ष 2026 की पहली तिमाही के दौरान ही अपराध शाखा ने ड्रग्ज तस्करी को लेकर कुल 7 मामले दर्ज किए.
– इन 7 मामलों में करीब 3.58 करोड रुपए मूल्य वाली 2 किलो 352 ग्राम एमडी ड्रग्ज की खेप को जब्त किया गया.
– इन कार्रवाईयों में कुल 28 आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किए गए. जिसमें से कुछ आरोपियों के खिलाफ 2 से अधिक मामले दर्ज है.
– खास बात यह रही कि, इन 28 आरोपियों में से 18 आरोपी छाया नगर-गवलीपुरा परिसर के निवासी है, जिसके चलते यह स्पष्ट हुआ है कि, इस समय छाया नगर-गवलीपुर परिसर अमरावती शहर में ड्रग्ज तस्करी का सबसे मुख्य अड्डा बना हुआ है.

* अब अपराध शाखा ने शुरु किया ‘मिशन राजस्थान’
अमरावती में हो रही ड्रग्ज तस्करी का मुंबई कनेक्शन उजागर करने के साथ ही शहर पुलिस की अपराध शाखा ने इस ड्रग्ज तस्करी के राजस्थान से जुडे कनेक्शन की भी जानकारी हासिल की है और मुंबई में रहनेवाले ड्रग्ज तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ अब ‘मिशन राजस्थान’ भी शुरु किया है. जिसके चलते अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण के नेतृत्वतले 16 सदस्यीय दल पिछले पांच दिनों से राजस्थान में डेरा जमाए बैठा था. जहां पर ‘मांगी’ नामक ड्रग्ज माफिया की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी. लेकिन ऐन समय पर पुलिस की भनक लगते ही ‘मांगी’ नामक उक्त ड्रग्ज माफिया मौके से फरार होने में कामयाब रहा.
जानकारी के मुताबिक मुंबई में रहनेवाले एक बडे ड्रग्ज तस्कर को हिरासत में लेने के साथ ही अपराध शाखा को यह जानकारी मिली थी कि, राजस्थान के रेगीस्थानी क्षेत्र से मादक पदार्थों की खेप को मुंबई व महाराष्ट्र सहित देश के अलग-अलग शहरों में भेजा जाता है. जिसके पीछे ‘मांगी’ नामक ड्रग्ज माफिया का हाथ है. ऐसे में उस ‘मांगी’ उर्फ मांगीलाल को अपने जाल में फांसने के लिए अमरावती शहर पुलिस की अपराध शाखा का दल पांच दिन पहले ही राजस्थान रवाना हुआ था. जिसने वहां पर अपने एक ‘फंटर’ के मार्फत एक क्विंटल एमडी ड्रग्ज की मांग की थी. जिसके बाद 50 किलो पर सौदा पक्का हुआ था और माल की डिलेवरी के लिए तारीख व समय भी तय हो गए थे. लेकिन बेहद धुर्त और चालाक रहनेवाले मांगीलाल को पुलिस के आने की भनक लग गई और वह राजस्थान-मध्य प्रदेश की बॉर्डर से अपना फोन स्वीचऑफ करते हुए फरार हो गया. हालांकि पुलिस अब मांगीलाल के कारखाने तक पहुंच चुकी है. जिसके चलते यह स्पष्ट हो गया है कि, मांगीलाल ही एमडी ड्रग्ज की निर्मिती करनेवाला ‘किंगपिन’ है.
पुलिस सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक विगत 8 मार्च को अमरावती के लालखडी-सुकली मार्ग पर 2 किलो 80 ग्राम एमडी ड्रग्ज की खेप के साथ धरा गया मुंबई निवासी अजीम असद शेख जब सन 2025 में 550 किलो गांजा तस्करी के मामले की वजह से तेलंगना राज्य की एक जेल में था, तब उसी जेल में बंद अपने एक रिश्तेदार कैदी से मिलने के लिए मांगीलाल कई बार आया करता था. जहां पर मांगीलाल के साथ अजीम असद शेख का परिचय हुआ था. जिसके बाद अजीम असद शेख ने गांजा तस्करी के व्यवसाय के साथ-साथ ड्रग्ज तस्करी का भी काम करना शुरु किया था.

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